बुधवार को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ महापर्व का समापन हो गया। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह बनाए गए घाटों पर अर्घ्य दिए गए। अर्घ्य के बाद छठी मइया के लिए बनाए गए खास ठेकुए और प्रसाद बांटा गया। छठ पर्व के अंतिम दिन भक्त छठी मइया के गीत गाते हुए घाट पर पहुंचे।
मंगलवार की शाम को व्रतियों ने बिहार की राजधानी पटना में गंगा किनारे और राज्य के विभिन्न इलाकों में अन्य नदियों, तालाबों और जगह—जगह बनाए पानी के कुंड में खडे होकर अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्ध्य दिया था।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के परिवार में भी महिलाओं ने छठ पर्व के अवसर पर व्रत रखा था। नीतीश ने अपने परिजनों के साथ मुख्यमंत्री आवास परिसर में बनाए गए पानी के कुंड में खडे़ होकर, व्रतियों को उदीयमान सूर्य को दूसरा अर्ध्य देने में सहयोग किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के रिश्तेदार तथा अन्य करीबी लोग उपस्थित थे ।
छठ के चौथे दिन बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इसके साथ ही महापर्व का समापन हो गया। पर्व को लेकर पूरे बिहार में भक्ति व उत्साह चरम रहा। छठ को लेकर नदियों व तालाबों के घाट सजे-धजे रहे तो श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए सड़कें भी साफ-सुथरी दिखीं।
यह पर्व बिहार ही नहीं, देश-विदेश में उन सभी जगहों पर भी मनाया गया, जहां बिहार की संस्कृति पहुंची है। महापर्व के अंतिम दिन सुबह के अर्घ्य के लिए घाटों पर जन-सैलाब उमड़ता दिखा। इसके पहले मंगलवार को छठ के सायंकालीन अर्घ्य के दारान भी ऐसा ही नजारा था।
छठ पर्व के चौथे एवं अंतिम दिन तड़के ही उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए व्रती और उनके परिजन अपने घरों से पूजा सामग्रियों के साथ घाटों पर पहुंच गए थे।