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मुंबई: महिला ने सवा करोड़ का घर बेचने के लिए जिंदा पति को किया मृत घोषित, पुलिस ने किया गिरफ्तार
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मुंबई में एक महिला ने अपने भले-चंगे पति को कागजों में मरा हुआ दिखा दिया। उसने नकली डेथ सर्टिफिकेट, झूठा एफिडेविट और सोसाइटी का फर्जी एनओसी बनवाकर दोनों के नाम वाला फ्लैट बेच डाला। इतना ही नहीं, उसी फ्लैट पर 1 करोड़ 11 लाख रुपये का लोन भी पास करा लिया गया। जब इस पूरे खेल का खुलासा हुआ, तो पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
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क्या है मामला?
यह मामला बोरीवली के एल. एम. रोड पर बनी राज विला कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी का है। मुंबई के एक नामी होटल में काम करने वाले रयान क्रास्टा ने साल 2007 में शालिनी डायना क्रास्टा से शादी की थी। शादी के कुछ वर्षों बाद साल 2016 में, दोनों ने मिलकर 73 लाख 80 हजार रुपये में एक बेडरूम का फ्लैट खरीदा था। यह घर खरीदने के लिए दोनों ने बैंक से करीब 56 लाख रुपये का लोन लिया था। रयान के मुताबिक, वे हर महीने लोन की किस्तें टाइम पर भर रहे थे और फ्लैट दोनों के नाम पर रजिस्टर्ड था। हालांकि, बाद में पति-पत्नी के बीच झगड़े होने लगे और दोनों अलग-अलग रहने लगे।
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ऐसे रची गई साजिश
इस धोखाधड़ी की पोल मई 2026 में खुली। रयान के दोस्त प्रसाद पाताड़े ने उन्हें बताया कि बोरीवली वाला उनका फ्लैट एक प्राइवेट बैंक में गिरवी रखा हुआ है। यह बात सुनते ही रयान के होश उड़ गए। उन्हें यह भी पता चला कि उस फ्लैट को गिरवी रखकर धर्मेश जगदीश तन्ना और उनकी पत्नी धारा धर्मेश तन्ना के नाम पर 1 करोड़ 11 लाख रुपये का लोन पास कराया गया है। मामले की सच्चाई जानने के लिए रयान अपनी मां को साथ लेकर उस प्राइवेट बैंक पहुंचे। बैंक से मिली जानकारी ने पूरा सच सामने रख दिया। पता चला कि शालिनी ने 11 अप्रैल 2025 को कागजात बनवाकर फ्लैट तन्ना परिवार को बेच दिया था। इस खरीद-बिक्री को सही साबित करने के लिए शालिनी ने रयान का नकली डेथ सर्टिफिकेट बनवा लिया था। इसके बाद एक झूठा एफिडेविट भी जमा किया गया, जिसमें शालिनी ने खुद को रयान का इकलौता कानूनी वारिस बताया था।
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पुलिस की छानबीन में यह भी सामने आया कि फ्लैट बेचने के लिए सोसाइटी का फर्जी एनओसी तैयार किया गया था। रयान ने जब यह एनओसी सोसाइटी के अध्यक्ष गौतम पुरोहित, सचिव पूजा पाताड़े और खजांची एस. पाटिल को दिखाया, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई एनओसी दिया ही नहीं है। सोसाइटी के इन लोगों ने एनओसी पर किए गए अपने दस्तखत को भी पूरी तरह से फर्जी बताया।
शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि शालिनी को तन्ना परिवार से फ्लैट बेचने के बदले 1 करोड़ 11 लाख रुपये मिले थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली डेथ सर्टिफिकेट, झूठा एफिडेविट और सोसाइटी का फर्जी एनओसी बनवाने में शालिनी की मदद किस-किसने की थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फ्लैट बेचकर मिले 1 करोड़ 11 लाख रुपये शालिनी ने कहां खर्च किए ? पुलिस ने शालिनी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उसे बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया।