28 अप्रैल 2007। यही वो दिन है जब श्रीलंका की टीम एक आदमी और उसके द्वारा इस्तेमाल की गई छोटी सी स्क्वाश गेंद से विश्व कप का फाइनल हार गया। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट बुधवार को अपने 47वां जन्मदिन मना रहे हैं।
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एडम गिलक्रिस्ट
- फोटो : ESPN
गिली के नाम से मशहूर इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया को तीन बार विश्व चैंपियन बनाया और तीनों बार फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन किया। आज उनके जन्मदिन के मौके पर 2007 विश्व कप के फाइनल की पारी याद कर रहे हैं, जहां उन्होंने अनोखे अंदाज में बल्लेबाजी करके ऑस्ट्रेलिया को चैंपियन बनाया था।
रिकी पोंटिंग के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलिया ने चौथी बार विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया और उसका सामना श्रीलंका से था, जो दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने को बेताब थी। मगर वह एडम गिलक्रिस्ट से हार गई। गिली ने अपने बाएं ग्लव में स्क्वाश गेंद रखी ताकि वह शॉट जमाए तो ग्रिप अच्छी बन सके। इस अनोखे प्रयोग का फायदा कंगारू बल्लेबाज को मिला और उन्होंने महामुकाबले में केवल 104 गेंदों में 13 चौके और 8 छक्कों की मदद से 149 रन की धाकड़ पारी खेली। बता दें कि विश्व कप के फाइनल में शतक लगाने वाले गिली विश्व के इकलौते विकेटकीपर हैं।
गिलक्रिस्ट ने पहली ही गेंद से शानदार टाइमिंग हासिल की और बल्ले के बीचोबीच गेंद का संपर्क बनाकर शॉट जमाए। अगले 129 मिनट में श्रीलंकाई खिलाड़ी गिली द्वारा जमाए शॉट्स पर गेंद पकड़ने के लिए जाते दिखे। इसकी शुरुआत चामिंडा वास द्वारा किए पारी के दूसरे ओवर स हुई, जिसमें गिली ने एक चौका और एक छक्का जमा दिया था। यहां से बाएं हाथ के बल्लेबाज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
बता दें कि गिलक्रिस्ट का बल्ला फाइनल से पहले शांत रहा था। मगर जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी तब उन्होंने 149 रन की तूफानी पारी खेली और अपनी महानता साबित की। फाइनल में गिली को भाग्य का सहारा भी मिला, जब दिलहारा फर्नांडो ने उनका कैच टपका दिया। इसी ओवर में फिर गिली ने दो चौके और एक छक्का जड़कर श्रीलंका को उसकी सबसे बड़ी गलती का बखूबी एहसास करा दिया।