Seat Ka Samikaran: जिसे डेहरी ने छह बार चुना, भ्रष्टाचार में गई उसकी सदस्यता; ऐसा है यहां का चुनावी इतिहास
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात डेहरी सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में राजद के फतेह बहादुर विधायक हैं।
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बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावी तारीखों के एलान से पहले ही सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सीट बंटवारे को लेकर दोनों बड़े गठबंधनों में खींचतान जारी है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज डेहरी विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट से मोहम्मद इलियास हुसैन सबसे ज्यादा छह बार विधायक रहे चुके हैं। मौजूद समय में यहां से राजद के फतेह बहादुर विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला रोहतास भी है। रोहतास जिला तीन अनुमंडल और 19 ब्लॉक में बंटा है। जिले में सात विधानसभा सीट हैं। इनमें चेनारी (एससी),सासाराम, करगहर, दिनारा, नोखा, डेहरी, काराकाट शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज डेहरी विधानसभा सीट की बात करेंगे। डेहरी विधानसभा सीट से 1952 में पहली बार चुनाव हुआ था।
1952: सोशलिस्ट पार्टी को जीत मिली
- 1952 के चुनाव में डेहरी विधानसभा सीट से सोशलिस्ट पार्टी के बसावन सिंह को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के अब्दुल कयूम अंसारी को मात्र 712 वोट से हराया। बसावन सिंह को 10,662 वोट मिले। वहीं, अब्दुल कयूम को 9,950 वोट मिले।
- 1957 के चुनाव में बसावन सिंह डेहरी विधानसभा सीट से दोबारा चुने गए। इस बार उन्हें प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर जीत मिली। उन्होंने इस बार कांग्रेस के हाजरी सिंह को 2,397 वोट से हराया। बसावन सिंह को कुल 11,427 वोट मिले। वहीं, हाजरी सिंह को 9,030 वोट मिले।
1962: कांग्रेस को पहली जीत मिली
- 1962 के चुनाव में डेहरी विधानसभा से कांग्रेस को पहली जीत मिली। कांग्रेस के अब्दुल कयूम अंसारी ने दो बार के विधायक और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार बसावन सिंह को 19,379 वोट से हराया। अब्दुल कयूम अंसारी को 31,224 वोट मिले। वहीं, बसावन सिंह को 11,845 वोट मिले।
- 1967 के चुनाव में कांग्रेस के अब्दुल कयूम अंसारी को दोबारा जीत मिली। उन्होंने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी बसावन सिंह को 8,405 वोट से हराया। अब्दुल कयूम अंसारी को 23,230 वोट मिले। वहीं, बसावन सिंह को 14,825 वोट मिले।
- 1969 के चुनाव में कांग्रेस के रियासत करीम को जीत मिली। उन्होंने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के बसावन सिंह को 3,038 वोट से हराया। रियासत करीम को 19,146 वोट मिले। वहीं, बसावन सिंह को 16,108 वोट मिले।
- 1972 के चुनाव में कांग्रेस के अब्दुल कयूम अंसारी को 21,395 वोट मिले। वहीं, जनसंघ के बसुदेव नारायण सिंह दूसरे नंबर पर रहे। अब्दुल कयूम अंसारी को कुल 35,679 वोट मिले। वहीं, बसुदेव नारायण सिंह को 14,284 वोट मिले। अब्दुल कयूम अंसारी की ये इस सीट पर तीसरी जीत थी।
1977: जनता पार्टी को जीत मिली
- 1977 के चुनाव में जनता पार्टी के बसावन सिंह को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के खलिद अनवर अंसारी को 4,790 वोट से हराया। बसावन सिंह को 22,813 वोट मिले। वहीं, खलिद अनवर अंसारी को 18,023 वोट मिले।
- 1980 के चुनाव में जनता पार्टी के मोहम्मद इलियास हुसैन को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस (आई) कुर्शीद अनवर 2,033 वोट से हराया। मोहम्मद इलियास हुसैन को कुल 15,640 वोट मिलेष वहीं, कुर्शीद अनवर को 13,607 वोट मिले।

1985: कांग्रेस को जीत मिली
1985 के चुनाव में कांग्रेस के खालिद अनवर अंसारी को जीत मिली। उन्होंने लोकदल के मोहम्मद इलियास हुसैन को 6,896 वोट से हराया। खालिद अनवर अंसारी को 32,303 वोट मिले। वहीं, मोहम्मद इलियास हुसैन को 25,407 वोट मिले।

1990: जनता दल को जीत मिली
- 1990 के चुनाव में जनता दल के मो. इलियास हुसैन ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा के विनोद सिंह को 18,300 वोट से हराया। मो इलियास हुसैन को 34,030 वोट मिले। वहीं, विनोद सिंह को 15,730 वोट मिले।
- 1995 के चुनाव में जनता दल के मो. इलियास हुसैन ने जीत हासिल की है। उन्होंने इस बार भी भाजपा के विनोद सिंह को 10,056 वोट से हराया। मो इलियास हुसैन को 40,864 वोट मिले। वहीं, विनोद सिंह को 30,808 वोट मिले।
- 2000 के चुनाव में राजद के मो. इलियास हुसैन को जीत मिली। उन्होंने भाजपा के गोपाल नारायण सिंह को 12,787 वोट से हराया। मो इलियास को कुल 57,123 वोट मिले। वहीं, गोपाल नारायण को 44,336 वोट मिले।
- फरवरी 2005 के चुनाव में राजद के मो. इलियास हुसैन ने 22,256 वोट से जीत हासिल की। वहीं, लोजपा के राधा कृष्णा सिंह दूसरे नंबर पर रहे। मो. इलियास हुसैन को कुल 46,196 और राधा कृष्ण सिंह को 23,940 वोट मिले।
अक्तूबर 2005: निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिली
- अक्तूबर 2005 के चुनाव में डेहरी विधानसभा सीट से प्रदीप कुमार जोशी को जीत मिली। उन्होंने पांच बार के विधायक और राजद उम्मीदवार मो. इलियास हुसैन को 43,277 वोट से हराया। प्रदीप जोशी को कुल 70,558 वोट मिले। वहीं, मो. इलियास हुसैन को 27,281 वोट मिले।
- 2010 के चुनाव में प्रदीप जोशी की पत्नी और निर्दलीय उम्मीदवार ज्योति रश्मि को जीत मिली। इस चुनाव में उन्होंने राजद के मो. इलियास हुसैन को 9,815 वोट से हराया। ज्योति रश्मि को कुल 43,634 वोट मिले। वहीं, मो. इलियास हुसैन को 33,819 वोट मिले।
2015: राजद की वापसी
2015 के चुनाव में राजद के मो. इलियास हुसैन को 3,898 वोट से जीत मिली। वहीं, बीएलसीपी के जितेंद्र कुमार दूसरे नंबर पर रहे। मो. इलियास हुसैन को 49,402 वोट मिले। जितेंद्र कुमार 45,504 वोट मिले। ये उनकी छठी जीत थी।
इलियास हुसैन को 2019 में विधानसभा की सदस्यता खत्म हो गई। इलियास हुसैन को विशेष सीबीआई कोर्ट ने बहुचर्चित अलकतरा घोटाले में चार साल कैद की सजा सुनाई। बिहार के बड़े घोटालों में एक इस मामले में कोर्ट ने इलियास हुसैन पर सश्रम कारावास के साथ ही दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
2019 : भाजपा को जीत मिली
इलियास हुसैन की सदस्यता जाने के बाद 2019 में डेहरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ। इस चुनाव में भाजपा के सत्य नारायण सिंह को मिली। उन्होंने राजद के मोहम्मद फिरोज हुसैन 33,993 वोट से हराया। सत्य नारायण सिंह को 72,097 वोट मिले। वहीं, मोहम्मद फिरोज हुसैन को 38,104 वोट मिले।
2020 : राजद को जीत मिली
2020 के चुनाव में राजद के फतेह बहुादर सिंह को जीत मिली। उन्होंने तत्कालीन विधायक और भाजपा उम्मीदवार सत्यनारायण सिंह को मात्र 464 वोट से हराया। फतेह बहुादर सिंह को 64,567 वोट मिले। वहीं, सत्यनारायण सिंह को 64,103 वोट मिले।
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