Seat Ka Samikaran: बिहार के सबसे कम समय के उपमुख्यमंत्री की सीट, उनके परिवार को कुर्था दे चुका है छह मौके
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात कुर्था सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में राजद के बागी कुमार वर्मा विधायक हैं।
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विस्तार
बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावी तारीखों के एलान से पहले ही सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सीट बंटवारे को लेकर दोनों बड़े गठबंधनों में खींचतान जारी है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज कुर्था विधानसभा सीट की बात करेंगे। बिहार के तीसरे उपमुख्यमंत्री जगदेव प्रसाद भी यहां से जीत दर्ज कर चुके हैं। जगदेव प्रसाद के बेटे और बहू भी यहां से दो-दो बार विधायक रहे हैं। मौजूद समय में राजद के बागी कुमार वर्मा विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला अरवल भी है। अरवल जिला एक अनुमंडल और 5 ब्लॉक में बंटा है। जिले में दो विधानसभा सीटें हैं। इनमें अरवल, कुर्था शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज कुर्था विधानसभा सीट की बात करेंगे। कुर्था विधानसभा सीट से 1952 में पहली बार चुनाव हुआ था।
1952: सोशलिस्ट पार्टी को जीत मिली
1952 के चुनाव में कुर्था सीट से सोशलिस्ट पार्टी के राम चरण सिंह को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के उमैर साहब शाह को मात्र 561 वोट से मात दी। राम चरण सिंह को कुल 10,555 वोट मिले। वहीं, उमैर साहब शाह को 9,994 वोट मिले।
1957: कांग्रेस को जीत मिली
1957 के चुनाव में कांग्रेस के कामेश्वर शर्मा को जीत मिली। उन्होंने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के राम चरण सिंह को 1,522 वोट से हराया। कामेश्वर शर्मा को कुल 8,618 वोट मिले। वहीं, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी की राम चरण सिंह को 7,096 वोट मिले।

1962: प्रजा सोशलिस्ट पार्टी को जीत मिली
1962 के चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के राम चरण सिंह को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के फिदा हुसैन को 2,469 वोट से हराया। राम चरण सिंह को 13,422 वोट मिले। वहीं, फिदा हुसैन को 10,953 वोट मिले। यह कुर्था सीट पर राम चरण सिंह की दूसरी जीत थी
1967: संसोपा के मिली जीत
1967 के चुनाव में संसोपा के जगदेव प्रसाद को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के एसपी वर्मा को 16,201 वोट से हराया। जे प्रसाद के कुल 25,142 वोट मिले। वहीं, एसपी वर्मा को 8,941 वोट मिले।
1969 के चुनाव में शोषित दल के जगदेव प्रसाद को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के बालेश्वर सिंह को 13,814 वोट से जीत मिली। जगदेव प्रसाद को 27,991 वोट मिले। वहीं, बालेश्वर सिंह को 14,177 वोट मिले। जगदेव प्रसाद बिहार के तीसरे उपमुख्यमंत्री बने। हालांकि उन्होंने चार दिन तक ही यह पद संभाला था।
1972: कांग्रेस को जीत मिली
1972 के चुनाव में कांग्रेस के रामश्रय प्रसाद सिंह को 7,601 वोट से जीत मिली । वहीं, हिंदुस्तान शोषित दल के जगदेव प्रसाद दूसरे नंबर पर रहे। रामश्रय प्रसाद सिंह को कुल 35,066 वोट मिले। वहीं, जगदेव प्रसाद 27,465 वोट मिले।

1977: शोषित समाज दल को मिली जीत
1977 के चुनाव में शोषित समाज दल के नागमणि को जीत मिली। उन्होंने जनता पार्टी के एस.एम. जहीरुद्दीन को 1,280 वोट से हराया। नागमणि को 28,972 वोट मिले। वहीं, एस. एस जहीरुद्दीन को 27,892 वोट मिले।
1980: जनता पार्टी को जीत मिली
1980 के चुनाव में कुर्था सीट से जनता दल के सहदेव प्रसाद यादव को जीत मिली। उन्होंने शोषित समाज दल के नागमाणि को 5,761 वोट से हराया। सहदेव प्रसाद को कुल 34,953 वोट मिले। वहीं, नागमाणि को 29,192 वोट मिले।
1985 : निर्दलीय उम्मीदवार को मिली जीत
1985 के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार नागमाणि को जीत मिली। नागमाणि कुर्था के पूर्व विधायक जगदेव प्रसाद के बेटे हैं। नागणणि की कुर्था में यह दूसरी जीत थी। उन्होंने लोकदल के सहदेव प्रसाद यादव को 16,329 वोट से हराया। नागमाणि को कुल 34,705 वोट मिले। वहीं, लोकदल के सहदेव प्रसाद को कुल 18,376 वोट मिले। इसके साथ ही नागमाणि ने बिहार सरकार में मंत्री भी रहे हैं।
1990: जनता दल को जीत मिली
- 1990 के चुनाव में जनता दल के मुंद्रिका सिंह यादव को जीत मिली। उन्होंने भारतीय जन मोर्चा के तिलेश्वर कौशिक को 16,146 वोट मिले। मुंद्रिका सिंह यादव 46,270 वोट मिले। तिलेश्वर कौशिक 30,124 वोट मिले।
- 1995 के चुनाव मे जनता दल के सहदेव प्रसाद को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के नौशाद अहमद को 33,952 वोट मिले। सहदेव प्रसाद को कुल 58,013 वोट मिले। वहीं, नौसाद अहमद को 24,081 वोट मिले।
2000: राजद को जीत मिली
2000 के चुनाव में राजद के शिव बचन यादव को जीत मिली। उन्होंने जदयू के मुंद्रिका सिंह यादव मात्र 656 वोट से हराया। शिव बचन यादव को कुल 50,888 वोट मिले। वहीं, मुंद्रिका यादव को 50,232 वोट मिले।
फरवरी 2005 : लोजपा को जीत मिली
- फरवरी 2005 के चुनाव में कुर्था सीट से नागमाणि की पत्नी और लोजपा उम्मीदवार सुचित्रा सिन्हा को जीत मिली। उन्होंने राजद के महेश प्रसाद यादव को कुल 1,842 वोट से हराया। सुचित्रा सिन्हा को कुल 43,736 वोट मिले। वहीं, महेश प्रसाद यादव को 41,894 वोट मिले।
- अक्तूबर 2005 के चुनाव में सुचित्रा सिन्हा ने जदयू के टिकट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने राजद के सकदेव प्रसाद यादव को कुल 12,792 वोट से हराया। सुचित्रा देवी को कुल 31,372 वोट मिले। वहीं, सकदेव प्रसाद यादव को 18,580 वोट मिले।
2010: जदयू को जीत मिली
2010 के चुनाव में जदयू के सत्यदेव सिंह को जीत मिली। उन्होंने राजद के शिव बचन यादव को 9,493 वोट से हराया। सत्यदेव सिंह को कुल 37,633 वोट मिले। वहीं, शिव बचन यादव को 28,140 वोट मिले।
2015 के चुनाव में जदयू के सत्यदेव सिंह कुर्था के दोबार विधायक बने। इस बार उन्होंने बीएलसीपी के अशोक कुमार वर्मा को 14,119 वोट से मिले। सत्यदेव सिंह को कुल 43,676 वोट मिले। वहीं, अशोक कुमार वर्मा को 29,557 वोट मिले।

2020 : राजद की वापसी
2020 के चुनाव में दो बार के विधायक और जदयू उम्मीदवार सत्यदेव को हार मिली। इस चुनाव में राजद के बागी कुमार को जीत मिली। बागी कुमार को कुल 54,227 वोट मिले। वहीं, सत्यदेव सिंह को 26,417 वोट से संतोष करना पड़ा। बागी कुमार वर्मा ने बिहार सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
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