Seat Ka Samikaran: काराकाट से तुलसी पांच तो मौजूदा विधायक अरुण सिंह चार बार चुने गए, जानें पूरा चुनावी इतिहास
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात काराकाट सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में भाकपा (माले) के अरुण सिंह विधायक हैं।
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बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावी तारीखों के एलान से पहले ही सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सीट बंटवारे को लेकर दोनों बड़े गठबंधनों में खींचतान जारी है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज काराकाट विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट मौजूद समय में भाकपा (माले) के अरुण सिंह विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला रोहतास भी है। रोहतास जिला तीन अनुमंडल और 19 ब्लॉक में बंटा है। जिले में सात विधानसभा सीट हैं। इनमें चेनारी (एससी), सासाराम, करगहर, दिनारा, नोखा, डेहरी, काराकाट शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज काराकाट विधानसभा सीट की बात करेंगे। काराकाट विधानसभा सीट से 1967 में पहली बार चुनाव हुआ था।
1967: संसोपा को जीत मिली
- 1967 के चुनाव में काराकाट सीट से संसोपा के तुलसी सिंह को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के एम पांडे को 8,923 वोट से हराया। तुलसी सिंंह को 22,552 वोट मिले। वहीं, एम पांडे को 13,629 वोट मिले।
- 1969 के चुनाव में काराकाट सीट से संसोपा के तुलसी सिंह दोबारा विधायक बने। उन्होंने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के त्रिभुवन सिंह को 5,200 वोट से हराया। तुलसी सिंह को 19,712 वोट मिले। वहीं, त्रिभुवन सिंह को 14,512 वोट मिले।
1972: कांग्रेस को जीत मिली
1972 के चुनाव में कांग्रेस की मनोरमा पांंडे को जीत मिली। उन्होंने दो बार के विधायक और संसोपा उम्मीदावार को तुलसी सिंह को 4,786 वोट से हराया। मनोरमा पांडे को कुल 24,500 वोट मिले। तुलसी सिंह को 19,719 वोट मिले।

1977: जनता दल को जीत मिली
1977 के चुनाव में काराकाट सीट से त्रिभुवन सिंह ने जीत दर्ज की। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार तुलसी सिंह को 15,738 वोट से हराया। त्रिभुवन सिंह को 33,067 वोट मिले। वहीं, तुलसी सिंह को 17,329 वोट मिले।
1980: तुलसी सिंह की वापसी
1980 के चुनाव में तुलसी सिंह ने जनता पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की। उन्होंने भाकपा के राम जी प्रसाद सिंह को 14,905 वोट से हराया। तुलसी सिंह को 34,033 वोट मिले। वहीं, राम जी को 19,128 वोट से संतोष करना पड़ा।
1985: कांग्रेस को जीत मिली
1985 के चुनाव में कांग्रेस के शशि रानी मिश्र को जीत मिली। उन्होंने लोकदल के तुलसी सिंह को 13,609 वोट मिले। शशि रानी को कुल 40,199 वोट मिले। वहीं, तुलसी सिंह को 26,590 वोट मिले।

1990: जनता दल को जीत मिली
- 1990 के चुनाव में जनता दल के तुलसी सिंह को जीत मिली। उन्होंने भारतीय जन मोर्चा के मणि सिंह को 5,488 वोट मिले। तुलसी सिंह को 35,859 वोट मिले। वहीं, मणि सिंह को 30,371 वोट मिले।
- 1995 के चुनाव में जनता दल के तुलसी सिंह को 6,897 वोट से जीत मिली। वहीं,भाकपा (माले) के बच्चन सिंह दूसरे नंबर पर रहे। तुलसी सिंह को 40,753 वोट मिले। बच्चन सिंह को 33,856 वोट मिले।
2000: भाकपा ( माले) को जीत मिली)
- 2000 के चुनाव में भाकपा (माले) के अरुण सिंह को जीत मिली। उन्होंने राजद के तुलसी सिंह के 8,788 वोट से हराया। अरुण सिंह को 39,254 वोट मिले। वहीं, तुलसी सिंह को 30,466 वोट से संतोष करना पड़ा।
- फरवरी 2005 के चुनाव में अरुण सिंह काराकाट के दोबारा विधायक चुने गए। उन्होंने इस बार भी राजद के तुलसी सिंह को 6,680 वोट से हराया। अरुण सिंह को कुल 35,954 वोट मिले। वहींं, तुलसी सिंह को 29,274 वोट मिले।
- अक्तूबर 2005 के चुनाव में अरुण सिंह ने काराकाट सीट से हैट्रिक लगाई। उन्होंने जदयू के राजेश्वर राज को 13,546 वोट से हराया। राजेश्वर राज को 36,721 वोट मिले। वहीं, राजेश्वर राज को 23,175 वोट मिले।
2010: जदयू को पहली जीत मिली
2010 के चुनाव में जदयू के राजेश्वर राज को जीत मिली। उन्होंने राजद के मुन्ना राय को 11,415 वोट से हराया। राजेश्वर राज को 49,751 वोट मिले। मुन्ना राय को 38,336 वोट मिले।
2015: राजद को जीत मिली
2015 में काराकाटा सीट से राजद के संजय कुमार सिंह को जीत मिली। उन्होंने भाजपा के राजेश्वर राज को 12,119 वोट मिले। संजय कुमार सिंह को कुल 59,720 वोट मिले। राजेश्वर राज को 47,601 वोट मिले।
2020: भाकपा ( माले) को जीत मिली
2020 में भाकपा (माले) के अरुण सिंह को जीत मिली। उन्होंने राजेश्वर राज को 18,189 वोट से हराया। अरुण सिंह को 82,700 वोट मिले। वहीं, राजेश्वर राज को 64,511 वोट मिले।
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