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उत्तर बंगाल की रेल सेवाएं प्रभावित: जमीन धंसने से 14 ट्रेनें रद्द, वंदे भारत और दार्जिलिंग मेल पर भी असर
Fri, 04 Sep 2026 05:31 PM IST
राहुल कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 04 Sep 2026 05:31 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : Amar Ujala
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उत्तर बंगाल को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाली रेल सेवा शुक्रवार को भी बुरी तरह प्रभावित रही। मालदा जिले में न्यू फरक्का के पास रेल लाइन के नीचे जमीन धंसने के बाद चल रहे मरम्मत कार्य बुरी तरह प्रभावित रहा। इसके चलते पूर्व रेलवे ने शुक्रवार को 14 ट्रेनें रद्द कर दीं, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया। वंदे भारत, दार्जिलिंग मेल, पदातिक, कंचनकन्या समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं।
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रेलवे के अनुसार, न्यू फरक्का स्टेशन से बरहरवा की ओर करीब 100 मीटर दूर बुधवार रात भारी बारिश के बाद रेल लाइन के नीचे की जमीन धंस गई थी। करीब 20 मीटर लंबे हिस्से में कई फुट तक जमीन नीचे चली गई। इसके बाद रेलवे ने मरम्मत का काम शुरू किया। झारखंड से पत्थर और गिट्टी मंगाकर रेल लाइन के नीचे डाली जा रही है।
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मरम्मत के दौरान बढ़ा प्रभावित क्षेत्र
करीब 150 कर्मचारी और रेलवे के वरिष्ठ अभियंता युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटे हैं। इस दौरान आसपास की जमीन का कुछ और हिस्सा खिसक गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इसे नया धंसाव नहीं, बल्कि पहले से प्रभावित क्षेत्र का विस्तार माना जा रहा है।
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पास के तालाब के किनारे भी जमीन खिसकने से बिजली का खंभा झुक गया है। इससे मरम्मत कार्य और चुनौतीपूर्ण हो गया है। रेलवे को उम्मीद है कि शुक्रवार शाम तक मरम्मत पूरी हो सकती है। स्थिति अनुकूल रहने पर शनिवार से रेल सेवाएं सामान्य करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, परिचालन बहाल करने से पहले प्रभावित हिस्से को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा।
बसों पर बढ़ा दबाव, किराया भी बढ़ा
ट्रेनें रद्द होने के बाद उत्तर बंगाल जाने वाले यात्रियों का रुख बसों की ओर हो गया है। सिलीगुड़ी से कोलकाता जाने वाली सरकारी बसों में सीटें तेजी से भर रही हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसें चलाने की तैयारी की गई है।
वहीं, निजी बसों की मांग बढ़ने के साथ किराये में भी भारी बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आई हैं। यात्रियों के अनुसार, सामान्य दिनों की तुलना में निजी बसों का किराया कई गुना तक बढ़ गया है।
4 सितंबर को क्या हुआ
- 14 ट्रेनें रद्द की गईं।
- कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया।
- वंदे भारत और दार्जिलिंग मेल समेत प्रमुख ट्रेनें प्रभावित हुईं।
- करीब 150 कर्मचारी मरम्मत कार्य में जुटे हैं।
- झारखंड से पत्थर और गिट्टी मंगाई गई।
- शनिवार से रेल सेवाएं सामान्य करने की कोशिश की जाएगी।