फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court Update Disregard court directives case pending for six years judicial officer to face inquiry.

सुप्रीम कोर्ट अपडेट: शीर्ष अदालत के निर्देशों की अनदेखी, छह साल से लंबित मुकदमा, न्यायिक अधिकारी पर होगी जांच

Fri, 04 Sep 2026 05:39 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 04 Sep 2026 05:39 PM IST
विज्ञापन
Supreme Court Update Disregard court directives case pending for six years judicial officer to face inquiry.
सुप्रीम कोर्ट अपडेट - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायिक अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार रिपोर्ट नहीं भेजने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू करने का आदेश दिया है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस  चंद्रशेखर की पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने तीन बार निर्देश के बावजूद रिपोर्ट नहीं भेजी। मामला एक संपत्ति से प्रतिवादियों को बेदखल करने के मुकदमे से जुड़ा है। फरवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को एक साल के भीतर सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था। जनवरी 2026 में कोर्ट ने पाया कि छह साल बाद भी मुकदमा लंबित है।

मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने में सुनवाई पूरी कर 21 अगस्त तक स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा था, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली। अब कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को 15 दिन में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। रिपोर्ट के आधार पर न्यायिक अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने पर फैसला होगा।

विज्ञापन

अरावली पर रिपोर्ट के लिए छह महीने और मांगे
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित अरावली हाई-पावर्ड कमेटी ने अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। समिति ने कहा कि अरावली पर्वतमाला का व्यापक और ठोस आकलन करने के लिए वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, भूगर्भीय, जलविज्ञान और सामाजिक पहलुओं की विस्तृत जांच जरूरी है। समिति ने रिपोर्ट जमा करने की नई समयसीमा 28 फरवरी 2027 करने का अनुरोध किया है। उसने 6 से 11 अगस्त के बीच अरावली क्षेत्र का दौरा किया और जनसुनवाई भी की। 26 अगस्त तक समिति को करीब 680 सुझाव और आपत्तियां मिल चुकी थीं। समिति अरावली इकोसिस्टम लैंडस्केप (AEL) ढांचे के जरिए संरक्षण और प्रबंधन के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की पहचान करना चाहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed