Seat Ka Samikaran: किसी एक पार्टी से ज्यादा निर्दलीय पर भरोसा जता चुके अरवल के मतदाता, ऐसा है चुनावी इतिहास
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात अरवल सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में भाकपा (माले) के महानंद सिंह विधायक हैं।
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बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावी तारीखों के एलान से पहले ही सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सीट बंटवारे को लेकर दोनों बड़े गठबंधनों में खींचतान जारी है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज अरवल विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट मौजूद समय में भाकपा ( माले ) के महानंद सिंह विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला अरवल भी है। अरवल जिला एक अनुमंडल और 5 ब्लॉक में बंटा है। जिले में दो विधानसभा सीट हैं। इनमें अरवल, कुर्था शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज अरवल विधानसभा सीट की बात करेंगे। अरवल विधानसभा सीट से 1952 में पहली बार चुनाव हुआ था।
1952: सोशलिस्ट पार्टी को जीत मिली
1952 के चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी के गुदानी सिंह को जीत मिली। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार चंद्रभूषण प्रसाद सिंह 5,932 वोट से हराया। गुदानी सिंह को कुल 10,324 वोट मिले। वहीं, चंद्रभूषण प्रसाद को कुल 4,392 वोट मिले।
1957: कांग्रेस को जीत मिली
- 1957 के चुनाव में कांग्रेस के बुधन मेहता को जीत मिल। उन्होंने भाकपा के शाह मोहम्मद जोनैर साहब को 2,078 वोट से हराया। बुधन मेहता को कुल 7,764 वोट से मिले। वहीं, शाह मोहम्मद जोनैर को 5,686 वोट मिले।
- 1962 के चुनाव में कांग्रेस के बुधन मेहता को फिर से जीत मिली। उन्होंने भाकपा के जोहैर शाह को मात्र 226 वोट से हराया। बुधन मेहता को कुल 13,141 वोट मिले। वहीं, जोहैर शाह को 12,915 वोट मिले।
1967: भाकपा को जीत मिली
- 1967 के चुनाव में अरवल सीट से भाकपा के शाह जोहैर को जीत मिली। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार जे सिंह को 17,764 वोट से हराया। शाह जोहैर को कुल 26,159 वोट मिले। वहीं, जे सिंह को 8,395 वोट मिले।
- 1969 के चुनाव मे शाह जोहैर दूसरी बार अरवल के विधायक बने। उन्होंने जनसंघ के नुनू चंद्र भास्कर को 3,740 वोट से हराया। शाह जोहैर को कुल 18,455 वोट मिले। वहीं, नुनू चंद्र भास्कर को 14,715 वोट मिले।
1972: निर्दलीय उम्मीदवार को मिली जीत
1972 के चुनाव में निर्दलीय रंग बहादुर सिंह को जीत मिली। उन्होंने भाकपा के एम डी जोहैर 2,881 वोट से हराया।।

1977: जनता पार्टी को जीत मिली
1977 के चुनाव में जनता पार्टी के बनेश्वर प्रसाद सिंह को जीत मिली। उन्होंने भाकपा के राम भवन सिंह को 12,072 वोट से हराया मिले। बनेश्वर प्रसाद को 35,926 वोट मिले। वहीं, राम भवन सिंह को 23,854 वोट मिले।
1980: निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिली
- 1980 के चुनाव में अरवल सीट से निर्दलीय उम्मीदवार कृष्णानंदन प्रसाद को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस (आई) के देव कुमार शर्मा को 1,437 वोट से हराया। कृष्णानंदन प्रसाद को कुल 20,744 वोट मिले। वहीं, देव कुमार शर्मा को 19,307 वोट मिले।
- 1985 के चुनाव में निर्दलीय कृष्णानंदन प्रसाद ने 34,747 वोट से जीत हासिल की। वहीं, कांग्रेस के राम प्रसाद ओझा दूसरे नंबर पर रहे। कृष्णानंदन प्रसाद को कुल 65,621 और राम प्रसाद ओझा को 30,874 वोट मिले।
- 1990 के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार कृष्णानंदन ने अरवल सीट से हैट्रिक लगाई। उन्होंने भारतीय जन मोर्चा के रामधर सिंह को 5,272 वोट से हराया। कृष्णानंदन प्रसाद को कुल 38,902 वोट मिलेष वहीं, रामधर सिंह को 33,630 वोट मिले।
1995: जनता दल को जीत मिली
1995 के चुनाव में जनता दल के रवींद्र सिंह को जीत मिली। उन्होंने भाकपा ( माले) के रामधर सिंह को 29,534 वोट से हराया। रवींद्र सिंह को कुल 50,370 वोट मिले। वहीं, रामधर सिंह को 20,836 वोट मिले।
2000: राजद को जीत मिली
2000 के चुनाव में राजद के अखिलेश प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की। उन्होंने भाकपा ( माले) के शाह चंद को 2,261 वोट से हराया। अखिलेश प्रसाद सिंह को कुल 29,298 वोट मिले। वहीं, शाह चंद को 27,037 वोट मिले।

2005: लोजपा को जीत मिली
- फरवरी 2005 के चुनाव में लोजपा के दुलारचंद सिंह को 9,881 वोट से जीत मिली। वहीं,राजद की वीणा देवी दूसरे नंबर पर रहीं। दुलारचंद्र सिंह को 28,864 वोट मिले। वहीं, वीणा देवी को 18,983 वोट मिले।
- अक्तूबर 2005 के चुनाव में लोजपा के दुलारचंद को फिर से जीत मिली। इस बार उन्होंने भाजपा के रणजीत कुमार को 8,439 वोट मिले। दुलारचंद को कुल 33,810 वोट मिले। रणजीत कुमार को 25,371 वोट मिले।
2010: भाजपा को पहली जीत मिली
2010 के चुनाव में अरवल सीट से भाजपा के चितरंजन कुमार को 4,202 वोट सेजीत मिली। वहीं, भाकपा ( माले) महानंद प्रसाद को दूसरे नंबर पर रहे। चितरंजन कुमार को 23,984 और महानंद प्रसाद को 19,782 वोट मिले।
2015: राजद की वापसी
2015 के चुनाव में राजद के रवींद्र सिंह को जीत मिली। उन्होंने भाजपा के चितरंजन कुमार को 17,810 वोट से हराया। रवींद्र सिंह को कुल 55,295 वोट मिले। वहीं, चितरंजन कुमार को 37,485 वोट मिले।
2020 : भाकपा ( माले) को जीत मिली
2020 के चुनाव में भाकपा माले के महानंद सिंह को जीत मिली। उन्होंने भाजपा के दीपक कुमार शर्मा को 19,950 वोट से हराया। महानंद सिंह को 68,286 वोट मिले। वहीं, दीपक कुमार को 48,336 वोट मिले।
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