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Seat ka samikaran: यहां एक बार जीती तो फिर अब तक नहीं हारी भाजपा, ऐसा है चनपटिया सीट का चुनावी इतिहास

Tue, 19 Aug 2025 06:24 AM IST
संध्या इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 19 Aug 2025 06:24 AM IST
सार

बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज चनपटिया विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट पर 2020 में भाजपा के उमाकांत सिंह को जीत मिली थी।

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Bihar Assembly Election Chanpatia Constituency Seats Umakant Singh Prakash Rai Chandra Mohan Rai BJP Congress
बिहार चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार की राजनीति में हर विधानसभा की एक अलग खासियत है और एक अलग महत्व है। इस वर्ष के अंत में बिहार में चुनाव होने हैं। इसे लेकर हर एक विधानसभा के साथ पूरे बिहार में राजनीति गर्म है। बिहार में आने वाले दिनों में सत्ता किसके पास जाती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। बिहार चुनाव से जुड़ी हमारी खास सीरीज 'सीट का समीकरण' में आज हम आपको चनपटिया सीट के बारे में बताने जा रहे हैं। इस सीट पर लंबे समय से भाजपा ने अपना कब्जा जमा रखा है। 

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पहले जानते है चनपटिया सीट के बारे में 
बिहार के 38 जिलों में से एक पश्चिमी चंपारण जिला भी है। जिले में कुल नौ विधानसभा सीटे हैं। चनपटिया विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पश्चिमी चंपारण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। 2008 परिसीमन से पहले इसे बेतिया लोकसभा सीट के नाम से जाना जाता था। पश्चिमी चंपारण लोकसभा में कुल छह विधानसभा सीटें आती हैं। इसमें नौतन, चनपटिया, बेतिया, रक्सौल, सुगौली, नरकटिया शामिल हैं। इस सीट पर लंबे समय से भाजपा जीत रही है। 1957 में इस सीट पर पहली बार चुनाव हुए थे। 
 

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शुरुआत में कांग्रेस को मिली जीत

1957 में चनपटिया सीट पर पहली बार चुनाव हुए थे। तब यहां कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1962 और 1967 के चुनाव में भी कांग्रेस को ही जीत मिली थी। 1957 में कांग्रेस की केतकी देवी ने छोटा नागपुर संथाल परगना जनता पार्टी के सत्यनारायण प्रसाद को 10831 वोट से हरा दिया था। 1962 में कांग्रेस के प्रमोद कुमार मिश्रा ने निर्दलीय उम्मीदवार पवन कुमार मिश्रा को 8981 वोट से हरा दिया। 1967 में एक बार फिर कांग्रेस के प्रमोद कुमार मिश्रा ने जीत दर्ज की। उन्होंने संसोपा के वीर सिंह को 1709 वोट से हरा दिया था। 

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1969: वीर सिंह को मिली जीत 

1969 में संसोपा के वीर सिंह ने जनसंघ के दिनेश प्रसाद को 3,383 वोट से हरा दिया। पिछले चुनाव में वीर सिंह कांग्रेस के उम्मीदवार से हार गए थे। इस बार कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। 

1972: कांग्रेस ने की वापसी 

1972 के चुनाव में कांग्रेस के उमेश प्रसाद वर्मा ने सोशलिस्ट पार्टी के वीर सिंह को 5,179 वोट से हरा दिया।  

1977: वीर सिंह का वापसी 

1977 में जनता पार्टी के टिकट पर उतरे वीर सिंह ने एक बार फिर से जीत हासिल की। उन्होंने माकपा के बीरबल शर्मा को 921 वोट से हरा दिया था। 

1980: माकपा को जीत

1980 के विधानसभा चुनाव में चनपटिया सीट पर पहली बार माकपा को जीत मिली। माकपा के बीरबल शर्मा ने कांग्रेस (आई) के प्रभात किशोर द्विवेदी को 6,168 वोट से हरा दिया था। 

1985 में एक बार फिर माकपा के बीरबल शर्मा को जीत मिली थी। उन्होंने कांग्रेस के प्रभात किशोर द्विवेदी को 3,169 वोट से हराया। दोनों चुनावों में मुकाबला बीरबल और प्रभात के बीच में था। हालांकि दोनों चुनाव में बीरबल शर्मा ने जीत हासिल की। 

1990: जनता दल को मिली जीत 

1990 में चनपटिया सीट पर जनता दल को जीत मिली। जनता दल के कृष्णा कुमार मिश्रा ने दो बार से विधायक रहे बीरबल शर्मा को 3,063 वोट से हराया। कृष्ण कुमार मिश्रा उर्फ लालू मिश्रा ने 1991 से 1995 तक बिहार सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के रूप में काम किया।

1995: बीरबल शर्मा ने की वापसी 

1995 में बीरबल शर्म को एक बार फिर से सीट पर वापसी करने का मौका मिला। माकपा के बीरबल शर्मा ने कांग्रेस के भरत राय को 16039 वोट से हरा दिया था। 

2000 के बाद भाजपा को लगातार जीत 

2000 के विधानसभा चुनाव में चनपटिया सीट पर भाजपा के पहली बार जीत मिली। इस जीत के बाद भाजपा यहां से लगातार जीत दर्ज कर रही है। 2000 के चुनाव में भाजपा के कृष्ण कुमार मिश्रा ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय) के शर्फुद्दीन शेख को 1559 वोट से हरा दिया था। कृष्ण कुमार मिश्र इससे पहले 1990 में जनता दल के टिकट पर जीत दर्ज कर चुके थे। 

2005 में बिहार में दो बार चुनाव हुए थे। एक चुनाव फरवरी में हुआ था वहीं दूसरा चुनाव अक्तूबर में हुआ था। फरवरी में हुए चुनाव में भाजपा के सतीश चंद्र दुबे ने समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय) के शर्फुद्दीन शेख को 16,216 वोट से हरा दिया था। 

2005 अक्तूबर में फिर से बिहार में चुनाव हुए थे। इस चुनाव में फिर से भाजपा के सतीश को जीत मिली थी। लेकिन इस बार मुकाबला कांग्रेस के साथ था। भाजपा के सतीश चंद्र दुबे ने कांग्रेस के विश्व मोहन शर्मा को 20,874 वोट से हरा दिया।

2010: भाजपा के चंद्र मोहन राय को मिली जीत 

2010 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर से सीट पर जीत हासिल की। इस बार भाजपा के चंद्र मोहन राय ने बसपा के एजाज हुसैन को 23,412 वोट से हरा दिया। 

2015 में भाजपा के प्रकाश राय ने जदयू के एन. एन. साही ने 464 वोट से हरा दिया था। 2020 में एक बार फिर से भाजपा ने जीत हासिल की थी। एक बार फिर भाजपा ने यहां उम्मीदवार बदल दिया। इस बार भाजपा के उमाकांत सिंह ने कांग्रेस के अभिषेक रंजन को 13,469 वोट से हरा दिया था। 

 सीट का समीकरण सीरीज की सभी खबरें यहां पढ़ें

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