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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   When Dhumal went to meet Manmohan Singh Manmohan himself opened the door of PMO office

Manmohan Singh: धूमल मिलने गए तो मनमोहन ने खुद खोला था PMO कार्यालय का दरवाजा, पूर्व सीएम ने साझा की यादें

Sat, 28 Dec 2024 02:38 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Published by: अंकेश डोगरा Updated Sat, 28 Dec 2024 02:38 PM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ संस्मरण को याद करते हुए बताया कि मेरे लिए जीवन का सबसे बड़ा आश्चर्य था कि कमरे का दरवाजा खुलने पर स्वयं प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह सामने खड़े थे।

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When Dhumal went to meet Manmohan Singh Manmohan himself opened the door of PMO office
मनमोहन सिंह एवं प्रेम कुमार धूमल। (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मेरे लिए जीवन का सबसे बड़ा आश्चर्य था कि कमरे का दरवाजा खुलने पर स्वयं प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह सामने खड़े थे। उन्होंने बड़े प्यार से बैठाया और कहा प्रेम जी वैसे तो मेरी पार्टी हारी है, पर मुझे खुशी है कि आप मुख्यमंत्री बने हैं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ संस्मरण को कुछ इस तरह से याद किया।

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धूमल ने कहा कि वर्ष 2007 में जब वह दूसरी बार मुख्यमंत्री बने तो शपथ के बाद दिल्ली गए। 31 दिसंबर को प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा तो पीएमओ कार्यालय सूचित किया कि 2-3 मिनट का समय ही मिल सकता है। जब वह प्रधानमंत्री कार्यालय में उनसे मिलने पहुंचे, तो उन्होंने खुद दरवाजा खोला और आदर से बैठाया। काफी देर तक विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई और फिर उनसे कहा कि बीते कल शपथ ली थी, लेकिन मैं कुर्सी पर नहीं बैठा, क्योंकि शिमला की कुर्सी दिल्ली के सहयोग और आशीर्वाद के बगैर टिकती नहीं हैं।
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धूमल ने कहा कि उनकी बात के जवाब में जो अंग्रेजी के शब्द मनमोहन सिंह ने कहे वह उन्हें जिंदा रहने तक याद रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रेम जी अगर कोई परेशानी आए तो तुरंत फोन करें और जवाब देने के लिए आपका मित्र दिल्ली में बैठा है। मुलाकात के बाद वह खुद उन्हें दरवाजे तक छोड़ने के लिए आए। धूमल ने कहा कि सरल और सौम्य स्वभाव के धनी मनमोहन सिंह जब राज्य सभा के सांसद थे, तो वह भी लोकसभा सांसद थे।

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बड़े भाई की तरह थे मनमोहन सिंह : दलाई लामा
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने शोक जताया है। उन्होंने पूर्व पीएम की पत्नी गुरशरण कौर को पत्र लिख अपना दुख व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा है कि मैं अपनी प्रार्थनाओं में उन्हें याद रखूंगा और इस दुख की घड़ी में आपके व आपके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। दलाई लामा ने कहा कि इतने वर्षों में जब भी हम मिले, मैंने उनकी चिंता और अच्छी सलाह की गहराई से सराहना की। मुझे लगा कि वह मेरे लिए बड़े भाई की तरह थे। वह दूसरों की मदद करने की तीव्र इच्छा से प्रेरित थे। उन्होंने भारत के विकास और समृद्धि, विशेष रूप से इसकी आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे भारतीय लोगों की स्थिति में सुधार हुआ। वह तिब्बती लोगों के भी अच्छे मित्र थे। दलाई लामा ने कहा कि 92 वर्षों तक उन्होंने वास्तव में एक सार्थक जीवन जीया, जो हम सभी के लिए एक प्रेरणादायक रहेगा। 
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