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Himachal: विधायक विपिन परमार बोले- मुस्लिम लीग के लिए कांग्रेस ने पूर्ण रूप से लागू नहीं होने दिया वंदे मातरम

Tue, 04 Nov 2025 07:31 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 04 Nov 2025 07:31 PM IST
सार

शिमला में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक विपिन परमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम लीग को खुश करने के लिए वंदे मातरम को पूर्ण रूप ने लागू नहीं होने दिया। पढ़ें पूरी खबर...

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Vipin Parmar Pc shimla said Congress did not allow Vande Mataram fully implemented because of Muslim League
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक विपिन परमार प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक विपिन परमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम लीग को खुश करने के लिए वंदे मातरम को पूर्ण रूप ने लागू नहीं होने दिया। गीत के कई अंतरों को काट दिया गया। यह कांग्रेस की असली सोच को दर्शाता है। अंग्रेज जो काम करने में विफल रहे वह कांग्रेस ने किया। कांग्रेस ने एक समुदाय को खुश करने के लिए वंदे मातरम का एक हिस्सा हटा दिया। साल 1937 में कांग्रेस कार्य समिति ने यह निर्णय लिया था कि मूल रूप से पांच छंदों वाले इस गीत के केवल पहले दो छंद ही गाए जाएंगे।

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प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए परमार ने कहा कि भारत में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को पूरे हुए 150 वर्ष हो रहे हैं। वंदे मातरम को प्रदेश और देश के प्रत्येक स्कूल में दिनचर्या का भाग बनाना चाहिए। वंदे मातरम को लेकर भाजपा 7 नवंबर को सुबह 11:00 बजे प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में इसका सामूहिक गान करेगी। इसमें भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और पार्टी के सांसद, विधायक मौजूद रहेंगे। शिमला के आंबेडकर चौक, कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में विधानसभा कांगड़ा, मंडी में कल्लू और हमीरपुर में कार्यक्रम होंगे। एक अक्तूबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे देश में उत्सव मनाने का निर्णय लिया है।

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उन्होंने कहा कि यह गीत वर्ष 1875 में बकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की ओर से रचा गया। प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वंदे मातरम को राष्ट्रगीत का दर्जा प्रदान किया। वंदे मातरम स्वदेशी आंदोलन का प्रमुख नारा बना और बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, भगत सिंह और सुभाषचंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों का प्रेरणास्रोत रहा। उन्होंने कहा कि विपिन परमार ने कहा कि 1923 में काकीनाडा में हुए कांग्रेस अधिवेशन में पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर को वंदे मातरम गाने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन उस वर्ष कांग्रेस अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली ने धार्मिक आधार पर आपत्ति जताई और कहा कि इस्लाम में संगीत वर्जित है। तेलंगाना सरकार ने अब कहा है कि स्कूलों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य नहीं किया जाएगा।

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