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सोशल मीडिया में उलझी युवा पीढ़ी, यह संकेत ठीक नहीं : इंदु बाला
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धुंदला स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अतिथि व अध्यापक और स्टाफ सदस्य। संवा
कहा-लड़कियां अपने साथ हो रहे अत्याचार को सहन न करें, आवाज उठाएं
दिनचर्या की शुरुआत लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में फोकस कर करें : भारद्वाज
संवाद न्यूज एजेंसी
धुंदला (ऊना)। महिला आयोग की पूर्व सदस्य इंदु बाला ने वीरवार को छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया की गिरफ्त में आ चुकी है। यह संकेत ठीक नहीं। उन्होंने कहा कि असल मायने में महिला सशक्तीकरण तब कहलाएगा, अगर महिलाओं की सोच सही दिशा की ओर हो। ऐसा होने पर उनके हौसले को कोई भी परास्त नहीं कर सकता। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंदला में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उन्होंने कहा कि लड़कियों को अपने साथ हो रहे किसी भी अत्याचार को सहन नहीं करना चाहिए। अपराध के खिलाफ प्रथम दृष्टि में विरोध करने के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
वहीं, विशेष वक्ता के रूप में आयुष विभाग से महिला डॉक्टर इंदु भारद्वाज ने आध्यात्मिक स्वच्छता के साथ-साथ स्वास्थ्य के बारे में छात्रों को टिप्स दिए। कहा कि अपनी दिनचर्या की शुरुआत लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में फोकस करके करें। 14 साल से कम आयु के बच्चों को मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसे में उनका ध्यान पढ़ाई से भटक रहा है और अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं। युवा पीढ़ी को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसलिए पौष्टिक और घर में तैयार खाने को प्राथमिकता दें। जंक फूड और बाजार के व्यंजनों का सेवन करने से परहेज करें। प्रिंसिपल किशोरी लाल ने अपराजिता कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इससे छात्रों की सोच में बदलाव आएगा।
बॉक्स
मुस्कान ठाकुर का कहना है कि अपराजिता कार्यक्रम में बहुत जानकारी मिली। विद्यार्थी जीवन में अनुशासित होकर रहने की भी प्रेरणा मिली।
सेजल का कहना है कि कार्यक्रम में स्वच्छता और स्वास्थ्य के बारे में टिप्स दिए, जो जीवन में काफी कारगर साबित होंगे। इनका अनुसरण कर आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली।
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दीक्षा का कहना है कि अपराजिता कार्यक्रम में लड़कियों को अपने साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा मिली ताकि अपराध को बढ़ने से रोका जा सके।
पल्लवी का कहना है कि कार्यक्रम में योग शिक्षा और आध्यात्मिकता के बारे में जानकारी मिली। स्वास्थ्य के प्रति टिप्स प्राप्त किए जो भविष्य में कारगर साबित होंगे।
वैशाली का कहना है कि कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण को लेकर चलाए जा रहे हैं विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी मिली और यह कार्यक्रम महिलाओं की सोच में बदलाव के लिए कारगर साबित होगा।
यश्वी का कहना है कि कार्यक्रम में बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रहने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा मिली और उसका अनुसरण करने का भी संकल्प लिया।
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दिनचर्या की शुरुआत लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में फोकस कर करें : भारद्वाज
संवाद न्यूज एजेंसी
धुंदला (ऊना)। महिला आयोग की पूर्व सदस्य इंदु बाला ने वीरवार को छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया की गिरफ्त में आ चुकी है। यह संकेत ठीक नहीं। उन्होंने कहा कि असल मायने में महिला सशक्तीकरण तब कहलाएगा, अगर महिलाओं की सोच सही दिशा की ओर हो। ऐसा होने पर उनके हौसले को कोई भी परास्त नहीं कर सकता। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंदला में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उन्होंने कहा कि लड़कियों को अपने साथ हो रहे किसी भी अत्याचार को सहन नहीं करना चाहिए। अपराध के खिलाफ प्रथम दृष्टि में विरोध करने के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
वहीं, विशेष वक्ता के रूप में आयुष विभाग से महिला डॉक्टर इंदु भारद्वाज ने आध्यात्मिक स्वच्छता के साथ-साथ स्वास्थ्य के बारे में छात्रों को टिप्स दिए। कहा कि अपनी दिनचर्या की शुरुआत लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में फोकस करके करें। 14 साल से कम आयु के बच्चों को मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसे में उनका ध्यान पढ़ाई से भटक रहा है और अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं। युवा पीढ़ी को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसलिए पौष्टिक और घर में तैयार खाने को प्राथमिकता दें। जंक फूड और बाजार के व्यंजनों का सेवन करने से परहेज करें। प्रिंसिपल किशोरी लाल ने अपराजिता कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इससे छात्रों की सोच में बदलाव आएगा।
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बॉक्स
मुस्कान ठाकुर का कहना है कि अपराजिता कार्यक्रम में बहुत जानकारी मिली। विद्यार्थी जीवन में अनुशासित होकर रहने की भी प्रेरणा मिली।
सेजल का कहना है कि कार्यक्रम में स्वच्छता और स्वास्थ्य के बारे में टिप्स दिए, जो जीवन में काफी कारगर साबित होंगे। इनका अनुसरण कर आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली।
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दीक्षा का कहना है कि अपराजिता कार्यक्रम में लड़कियों को अपने साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा मिली ताकि अपराध को बढ़ने से रोका जा सके।
पल्लवी का कहना है कि कार्यक्रम में योग शिक्षा और आध्यात्मिकता के बारे में जानकारी मिली। स्वास्थ्य के प्रति टिप्स प्राप्त किए जो भविष्य में कारगर साबित होंगे।
वैशाली का कहना है कि कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण को लेकर चलाए जा रहे हैं विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी मिली और यह कार्यक्रम महिलाओं की सोच में बदलाव के लिए कारगर साबित होगा।
यश्वी का कहना है कि कार्यक्रम में बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रहने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा मिली और उसका अनुसरण करने का भी संकल्प लिया।