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Una News: सरदार रुड़का की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
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रुड़का सिंह ने किसानों को दिलवाया मालिकाना हक : चौधरी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति के अध्यक्ष इंजीनियर बलवीर चौधरी की अध्यक्षता में झलेड़ा चौक में किसान योद्धा और पूर्व सैनिक सरदार रुड़का जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद चक्क मुहल्ला गांव खड्ड में सरदार रुड़का सिंह पार्क में सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए बलवीर चौधरी ने कहा कि किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह जी ने 84 गांवों के भूमिहीन किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिलाया था। इसके अलावा अंग्रेजों के जमाने से चल रहे काले कानून कनकूत से भूमिहीन किसानों को मुक्त करवाया था। सरदार रुड़का सिंह ने सेना में भर्ती होकर देश की सेवा की। भूमिहीन किसानों को उनके अधिकार दिलवाने के लिए 1938 में उन्होंने किसान सभा का गठन किया। कनकूत कानून के चलते किसानों को भूखे सोना पड़ता था। सरदार रुड़का सिंह ने लंबे संघर्ष के पश्चात 84 गांवों को काले कृषि कानून कनकूत से मुक्ति दिलवाई। इस दौरान सरदार रुड़का सिंह की पेंशन बंद कर दी गई तथा उनकी राइफल जब्त कर ली गई। उनको दिन में घर में नजरबंद रखा गया। 15 जून 1952 को आजादी के पश्चात भारत सरकार ने अध्यादेश जारी कर 84 गांव के मजदूरों को जमीन का मालिक बना दिया। इस अवसर पर महासचिव कैप्टन अमरीक सिंह, फ्लाइंग ऑफिसर पूर्ण देव, उपाध्यक्ष कश्मीर सिंह, सुभाष कौंडल, गुरमेश, दुलंभ सिंह आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति के अध्यक्ष इंजीनियर बलवीर चौधरी की अध्यक्षता में झलेड़ा चौक में किसान योद्धा और पूर्व सैनिक सरदार रुड़का जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद चक्क मुहल्ला गांव खड्ड में सरदार रुड़का सिंह पार्क में सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए बलवीर चौधरी ने कहा कि किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह जी ने 84 गांवों के भूमिहीन किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिलाया था। इसके अलावा अंग्रेजों के जमाने से चल रहे काले कानून कनकूत से भूमिहीन किसानों को मुक्त करवाया था। सरदार रुड़का सिंह ने सेना में भर्ती होकर देश की सेवा की। भूमिहीन किसानों को उनके अधिकार दिलवाने के लिए 1938 में उन्होंने किसान सभा का गठन किया। कनकूत कानून के चलते किसानों को भूखे सोना पड़ता था। सरदार रुड़का सिंह ने लंबे संघर्ष के पश्चात 84 गांवों को काले कृषि कानून कनकूत से मुक्ति दिलवाई। इस दौरान सरदार रुड़का सिंह की पेंशन बंद कर दी गई तथा उनकी राइफल जब्त कर ली गई। उनको दिन में घर में नजरबंद रखा गया। 15 जून 1952 को आजादी के पश्चात भारत सरकार ने अध्यादेश जारी कर 84 गांव के मजदूरों को जमीन का मालिक बना दिया। इस अवसर पर महासचिव कैप्टन अमरीक सिंह, फ्लाइंग ऑफिसर पूर्ण देव, उपाध्यक्ष कश्मीर सिंह, सुभाष कौंडल, गुरमेश, दुलंभ सिंह आदि मौजूद रहे।