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Una News: रोजी रोटी कमाने आए मजदूर हादसे में बने काल का ग्रास
Tue, 30 Dec 2025 05:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 30 Dec 2025 05:38 AM IST
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गगरेट (ऊना)। रोजी रोटी कमाने और अपने परिवार का पालन पोषण करने आए कामगार असमय हुए हादसों से काल का ग्रास बन रहे हैं। गगरेट औद्योगिक क्षेत्र में सरिया उद्योग में सोमवार को हुए हादसे में दो कामगारों की मौत हो गई और तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार नववर्ष शुरू होने से ठीक पहले हुए इस दर्दनाक हादसे से हर कोई गमगीन है। जहां दो बिहार के मजदूर मौत का शिकार हो गए, वहीं तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उद्योगों में हालांकि कामगारों की सुरक्षा के लिए इंतजाम के निर्देश तो होते हैं परन्तु नियमित तौर पर उनके पालन में कोताही देखी जाती है। यह कोताही केवल उद्योग प्रबंधन की ओर से नहीं बल्कि कामगार भी इसके जिम्मेदार हैं। कई कामगार सुरक्षा किट मिलने के बावजूद उसका नियमित इस्तेमाल नहीं करते। मशीनरी इस्तेमाल में भी कई बार लापरवाही भारी पड़ जाती है। हालांकि सरिया उद्योग में हुए हादसे के पीछे क्या कारण रहे, इसका पता तो पुलिस जांच में चलेगा।
स्थानीय लोगों में विरेंद्र कुमार, अशोक सैनी, रविंद्र ठाकुर, यशपाल सिंह ने कहा कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए उद्योगों को सुरक्षा के मानक और बढ़ाने चाहिए जिससे असमय होने वाले हादसों की रोकथाम हो सके। उद्योग के लिए मात्र यह एक हादसा है परंतु जिन परिवारों के चिराग बुझे हैं, उन परिवारों के लिए यह कभी न भूलने वाला एक बड़ा हादसा बन कर आया है।
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पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने बताया कि मामले की जांच जारी है। इसमें पता लगाया जाएगा कि किस स्तर पर लापरवाही हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि क्रेन संचालन के दौरान हादसा हुआ है। यह पता लगाया जाएगा कि क्रेन से कहीं क्षमता से अधिक माल को नहीं उठाया जा रहा था। इसके अलावा अन्य तथ्यों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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जानकारी के अनुसार नववर्ष शुरू होने से ठीक पहले हुए इस दर्दनाक हादसे से हर कोई गमगीन है। जहां दो बिहार के मजदूर मौत का शिकार हो गए, वहीं तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उद्योगों में हालांकि कामगारों की सुरक्षा के लिए इंतजाम के निर्देश तो होते हैं परन्तु नियमित तौर पर उनके पालन में कोताही देखी जाती है। यह कोताही केवल उद्योग प्रबंधन की ओर से नहीं बल्कि कामगार भी इसके जिम्मेदार हैं। कई कामगार सुरक्षा किट मिलने के बावजूद उसका नियमित इस्तेमाल नहीं करते। मशीनरी इस्तेमाल में भी कई बार लापरवाही भारी पड़ जाती है। हालांकि सरिया उद्योग में हुए हादसे के पीछे क्या कारण रहे, इसका पता तो पुलिस जांच में चलेगा।
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स्थानीय लोगों में विरेंद्र कुमार, अशोक सैनी, रविंद्र ठाकुर, यशपाल सिंह ने कहा कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए उद्योगों को सुरक्षा के मानक और बढ़ाने चाहिए जिससे असमय होने वाले हादसों की रोकथाम हो सके। उद्योग के लिए मात्र यह एक हादसा है परंतु जिन परिवारों के चिराग बुझे हैं, उन परिवारों के लिए यह कभी न भूलने वाला एक बड़ा हादसा बन कर आया है।
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पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने बताया कि मामले की जांच जारी है। इसमें पता लगाया जाएगा कि किस स्तर पर लापरवाही हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि क्रेन संचालन के दौरान हादसा हुआ है। यह पता लगाया जाएगा कि क्रेन से कहीं क्षमता से अधिक माल को नहीं उठाया जा रहा था। इसके अलावा अन्य तथ्यों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।