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Una News: मजदूरों ने बढ़ाए गेहूं कटाई के दाम, 1200 रुपये प्रति कनाल मांग रहे

Tue, 15 Apr 2025 05:20 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Apr 2025 05:20 PM IST
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Workers increased the price of wheat harvesting, demanding Rs 1200 per canal
किसानों के लिए गेहूं की कटाई बनी सिरदर्द, खर्च निकलना मुश्किल
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थ्रेसिंग के लिए भी अलग से देना पड़ रहा है गेहूं
बीते वर्ष प्रति कनाल कटाई के लिए थे 900 से 1000 रुपये
किसानों के कहा- फसलों में बचत के नाम पर कुछ नहीं बच रहा, कैसे करें किसानी

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले में गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होने वाला है। इस बीच गेहूं की कटाई के लिए जिले में आने वाले मजदूरों ने बीते साल के मुकाबले 200 रुपये प्रति कनाल मजदूरी बढ़ा दी है। बीते वर्ष मजदूरों ने गेहूं की प्रति कनाल कटाई के लिए 900 से 1000 रुपये लिए थे। इस साल 1200 रुपये प्रति कनाल तक मांगे जा रहे। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 35000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल तैयार की जाती है। किसानों को गेहूं की फसल तैयार करने के लिए खासी मेहनत के साथ जेब ढीली करनी पड़ती है। फसल तैयार होने के बाद भी उसकी कटाई और थ्रेसिंग कराने में किसानों का खर्च बीते कुछ सालों में दोगुना हो चुका है। बिहार और उत्तर प्रदेश से गेहूं की कटाई के लिए प्रवासी मजदूरों का जिले में आना जारी है लेकिन इस बार फसल की कटाई के शुरुआती दाम 1200 रुपये प्रति कनाल चल रहे। वहीं, थ्रेसिंग के बदले भी मशीन संचालक एक क्विंटल में से 15 किलो उठा लेते हैं। ऐसे में केवल फसल की कटाई का खर्च किसानों के लिए पूरा करना मुश्किल हो रहा। फसल को तैयार करने में सिंचाई और जरूरी दवाओं का खर्च इससे अलग है। किसान जसविंद्र सिंह, राकेश कुमार, अभिषेक कुमार, अजैब सिंह, हैप्पी ने कहा कि फसलों पर कुल खर्च का जोड़ लगाएं तो हमें उलटा नुकसान हो रहा। कहा कि महंगे बीज और खाद से लेकर अन्य सभी वस्तुओं के दाम दोगुने हो चुके लेकिन गेहूं की कीमत में 10 से 15 प्रतिशत का इजाफा बीते 10 साल में हुआ होगा।
मजदूरों के बजाय मशीन से कटाई को तरजीह
जिले में इस बार गेहूं की मशीनी कटाई की ओर अधिक रुझान रहेगा। मशीनी कटाई में प्रति कनाल 500 से 600 रुपये तक खर्च हो रहा है। ऐसे में किसानों को रीपर और कंपाइन मशीनों से गेहूं की कटाई करवाना बेहतर विकल्प लग रहा। हालांकि, छोटे खेतों में मशीनों के कटाई कराना चुनौती भरा रहता है। इसके अलावा जिन खेतों में विद्युत लाइनें गुजर रही, वहां भी फसल को मशीनी कटाई से खतरा रहता है।
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उपनिदेशक जिला कृषि विभाग कुलभूषण धीमान ने बताया कि गैर सिंचित इलाकों में गेहूं की फसल लगभग तैयार हो चुकी है। सिंचित इलाकों में अभी थोड़े दिन और लगेंगे। कहा कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद है। फसल खरीद के लिए जिला में दो केंद्र भी स्थापित हैं। किसान अपने नजदीकी केंद्र में फसल की अच्छी कीमत पर बिक्री का लाभ ले सकते हैं।
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