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Una News: सहारे छूटे तो करनदीप ने हुनर से पाया मुकाम
Tue, 22 Sep 2026 05:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 22 Sep 2026 05:34 AM IST
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हरोली उपमंडल के रोड़ा गांव निवासी करनदीप शुरू किए गए सैलून में काम करता। विभाग
ऊना। महज तीन महीने की उम्र में मां और पांचवीं कक्षा में पिता को खोने वाले 24 वर्षीय करनदीप ने मुश्किल हालात के बावजूद हौसला नहीं छोड़ा।
मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत वर्ष 2026 में मिले दो लाख रुपये की सहायता से फरवरी में रामपुर में रॉयल लुक हेयर सैलून शुरू किया। अब उन्हें हर माह 30 से 35 हजार रुपये की आमदनी हो रही है और वे चार युवाओं को काम भी सिखा रहे हैं।
हरोली के रोड़ा गांव निवासी करनदीप ने 12वीं के बाद हेयर सैलून का काम सीखा। गुरुग्राम में करीब दो साल प्रशिक्षण लेने के बाद ऊना और हरोली में काम कर अनुभव हासिल किया। योजना के तहत वर्ष 2025 में उन्हें हर माह चार हजार रुपये का भत्ता भी मिलने लगा था।
इसके बाद योजना के तयह सैलून के लिए मिली सहायता में से 1.40 लाख रुपये सामान खरीदने और 60 हजार रुपये अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर खर्च किए। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन प्रयासरत है।
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मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत वर्ष 2026 में मिले दो लाख रुपये की सहायता से फरवरी में रामपुर में रॉयल लुक हेयर सैलून शुरू किया। अब उन्हें हर माह 30 से 35 हजार रुपये की आमदनी हो रही है और वे चार युवाओं को काम भी सिखा रहे हैं।
हरोली के रोड़ा गांव निवासी करनदीप ने 12वीं के बाद हेयर सैलून का काम सीखा। गुरुग्राम में करीब दो साल प्रशिक्षण लेने के बाद ऊना और हरोली में काम कर अनुभव हासिल किया। योजना के तहत वर्ष 2025 में उन्हें हर माह चार हजार रुपये का भत्ता भी मिलने लगा था।
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इसके बाद योजना के तयह सैलून के लिए मिली सहायता में से 1.40 लाख रुपये सामान खरीदने और 60 हजार रुपये अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर खर्च किए। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन प्रयासरत है।
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