फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Villagers protest against crusher in Gugalaihad

स्टोन क्रशर निर्माण के विरोध में गुगलैहड़ में ग्रामीणों का विरोध जारी

Mon, 20 Sep 2021 07:53 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Sep 2021 07:53 PM IST
विज्ञापन
Villagers protest against crusher in Gugalaihad
गगरेट के गुगलैहड़ गांव में निर्माणधीन स्टोन क्रशर का विरोध करते ग्रामीण। - फोटो : Una
गगरेट (ऊना)। उपमंडल गगरेट के गुगलैहड़ गांव में निर्माणधीन स्टोन क्रशर का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। दूसरे दिन भी ग्रामीणों ने स्टोन क्रशर के निर्माण का विरोध किया।
विज्ञापन

ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल बीते शनिवार को प्रशासन से ऊना में मुलाकात करने गया था। वहीं रविवार को ग्रामीणों ने क्रशर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। अब सोमवार को भी ग्रामीण और इस स्टोन क्रशर का निर्माण न किए जाने की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं। गुगलैहड़ के ग्रामीणों का आरोप है कि स्टोन क्रशर से गांव की आबादी की दूरी गलत मापी गई है।
विज्ञापन

तहसीलदार की ओर से की गई निशानदेही सवालों के घेरे में है। ग्रामीण शशि पाल, कृष्ण कुमार, रजनीश कुमार, दीवान चंद और सरोज कुमारी ने बताया कि स्टोन क्रशर को लगाने के लिए गांव के लोगों को धोखे में रखकर एनओसी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि इस क्रशर के निर्माण से गुगलैहड़ गांव के वार्ड पांच लोगों का जीवन नर्क हो जाएगा। लोगों की कृषि योग्य भूमि बंजर हो जाएगी। वहीं सबसे बड़ी समस्या जल स्तर को लेकर पैदा होगी। यहां क्रशर का निर्माण किया जा रहा है, उससे कुछ ही दूरी पर आबादी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तुरंत क्रशर की मंजूरी को रद्द किया जाए नहीं तो ग्रामीण परिजनों के साथ धरने पर बैठेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और कुछ नेताओं के सहयोग से ही क्रशर का निर्माण तय नियमों के विपरीत किया जा रहा है। जिला परिषद सदस्य रजनी देवी ने बताया कि अधिकारी दबाव में काम कर रहे हैं। ग्रामीणों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। क्रशर जनता की सहमति के बिना नहीं लगना चाहिए। कुछ लोग इस मामले में पर्दे के पीछे रहकर रोटियां सेंक रहे हैं। जनता देख रही है कि खनन माफिया को कौन संरक्षण दे रहा है। क्रशर के मालिक संदीप सिंह का कहना है कि उन्होंने सारी औपचारिकताएं पूरी करने और सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण शुरू किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed