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Una News: सड़कों पर घूम रहे लावारिस मवेशी लील रहे जिंदगियां
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पशुओं को छोड़ने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई : मुकेश राणा
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। प्रदेश की सड़कों पर घूम रहे लावारिस मवेशी लोगों की जिंदगियां लील रहे हैं। हाल ही में नकड़ोह और दौलतपुर में बैल दो लोगों को मौत के घाट उतार चुके हैं। दूसरी ओर हिमाचल की सरकारें सड़कों पर घूम रहे मवेशियों के लिए उचित व्यवस्था करने में नाकाम साबित हुई हैं। इन पशुओं के लिए पंचायत स्तर पर गोसदन बनाने की घोषणा की गई थी। घोषणा तो हुई पर कागजों में ही दब गई। सरकार की नाकामी लोगों पर भारी पड़ रही है। गोसदनों का निर्माण न होने से लावारिस पशु सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। रायपुर के मंगलवार शाम 19 वर्षीय राहुल को भी लावारिस घूम रहे बैल ने मौत के घाट उतार दिया। इससे पहले भी गगरेट विधानसभा के गांव नकड़ोह में एक अधेड़ व्यक्ति को बैल ने मौत के घाट उतार दिया था। पालतू पशुओं को लावारिस छोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान न होने के कारण प्रदेश में ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश उच्च न्यायालय ने सभी पंचायतों को लावारिस पशुओं के संरक्षण के लिए गोसदन बनाने के निर्देश जारी किए हैं। इसका पूरा खर्च भी जिला प्रशासन और पंचायत की ओर से किया जाएगा और समय-समय पर पशुपालन विभाग के अधिकारी भी गोसदन का निरीक्षण कर पशुओं के स्वास्थ्य की जांच करेंगे। अभी तक इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाए गए हैं।
पशुओं को छोड़ने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई
क्षेत्र में समाजसेवा से जुड़ी संस्था के अध्यक्ष मुकेश राणा ने कहा कि आज के समय में सड़क पर लावारिस पशुओं को छोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि पशुओं के संरक्षण के लिए कड़े कानून लागू करे ताकि पशुओं को संरक्षण प्राप्त हो सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। प्रदेश की सड़कों पर घूम रहे लावारिस मवेशी लोगों की जिंदगियां लील रहे हैं। हाल ही में नकड़ोह और दौलतपुर में बैल दो लोगों को मौत के घाट उतार चुके हैं। दूसरी ओर हिमाचल की सरकारें सड़कों पर घूम रहे मवेशियों के लिए उचित व्यवस्था करने में नाकाम साबित हुई हैं। इन पशुओं के लिए पंचायत स्तर पर गोसदन बनाने की घोषणा की गई थी। घोषणा तो हुई पर कागजों में ही दब गई। सरकार की नाकामी लोगों पर भारी पड़ रही है। गोसदनों का निर्माण न होने से लावारिस पशु सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। रायपुर के मंगलवार शाम 19 वर्षीय राहुल को भी लावारिस घूम रहे बैल ने मौत के घाट उतार दिया। इससे पहले भी गगरेट विधानसभा के गांव नकड़ोह में एक अधेड़ व्यक्ति को बैल ने मौत के घाट उतार दिया था। पालतू पशुओं को लावारिस छोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान न होने के कारण प्रदेश में ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश उच्च न्यायालय ने सभी पंचायतों को लावारिस पशुओं के संरक्षण के लिए गोसदन बनाने के निर्देश जारी किए हैं। इसका पूरा खर्च भी जिला प्रशासन और पंचायत की ओर से किया जाएगा और समय-समय पर पशुपालन विभाग के अधिकारी भी गोसदन का निरीक्षण कर पशुओं के स्वास्थ्य की जांच करेंगे। अभी तक इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाए गए हैं।
पशुओं को छोड़ने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई
क्षेत्र में समाजसेवा से जुड़ी संस्था के अध्यक्ष मुकेश राणा ने कहा कि आज के समय में सड़क पर लावारिस पशुओं को छोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि पशुओं के संरक्षण के लिए कड़े कानून लागू करे ताकि पशुओं को संरक्षण प्राप्त हो सके।
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