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Una News: गांव की पगडंडियों से होकर बीमार मवेशियों के लिए घर द्वार पहुंच रहा इलाज
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पशुपालक आपात स्थिति में टोल फ्री नंबर 1962 पर करें कॉल
अब तक 2076 मवेशियों का हुआ सफल उपचार
सरकार की पहल से सशक्त हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में मार्च 2024 से शुरू हुई मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा अब तक 2076 मवेशियों का घर-द्वार पर निशुल्क इलाज कर चुकी है। वर्तमान में जिले में तीन मोबाइल वैन यूनिट कार्यरत हैं। इनमें हरोली (611 उपचार), बंगाणा (757) और ऊना (708) शामिल हैं। मोबाइल वैन टीम गांव की पगडंडियों से होकर बीमार मवेशियों के लिए घर द्वार पर पहुंच रही है और निशुल्क इलाज किया जा रहा है।
पशुपालक किसी भी आपात स्थिति में टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करके इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। वैन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहती है। तीन सदस्यीय टीम (पशु चिकित्सक, वेटरनरी सहायक, फार्मासिस्ट) मवेशियों का मौके पर इलाज करती है। यह सेवा बेसहारा पशुओं के लिए भी कारगर सिद्ध हो रही है। क्षेत्र में एनोरेक्सिया, त्वचा रोग, स्तन संक्रमण, ज्वर, कीड़ों के घाव, दस्त, थेलेरियोसिस जैसी बीमारियों का समय पर सफल उपचार किया गया है। उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि इस सेवा से पशुओं को समय पर इलाज मिलने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ हो रही है और पशुपालन सुरक्षित व टिकाऊ बन रहा है।
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अब तक 2076 मवेशियों का हुआ सफल उपचार
सरकार की पहल से सशक्त हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में मार्च 2024 से शुरू हुई मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा अब तक 2076 मवेशियों का घर-द्वार पर निशुल्क इलाज कर चुकी है। वर्तमान में जिले में तीन मोबाइल वैन यूनिट कार्यरत हैं। इनमें हरोली (611 उपचार), बंगाणा (757) और ऊना (708) शामिल हैं। मोबाइल वैन टीम गांव की पगडंडियों से होकर बीमार मवेशियों के लिए घर द्वार पर पहुंच रही है और निशुल्क इलाज किया जा रहा है।
पशुपालक किसी भी आपात स्थिति में टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करके इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। वैन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहती है। तीन सदस्यीय टीम (पशु चिकित्सक, वेटरनरी सहायक, फार्मासिस्ट) मवेशियों का मौके पर इलाज करती है। यह सेवा बेसहारा पशुओं के लिए भी कारगर सिद्ध हो रही है। क्षेत्र में एनोरेक्सिया, त्वचा रोग, स्तन संक्रमण, ज्वर, कीड़ों के घाव, दस्त, थेलेरियोसिस जैसी बीमारियों का समय पर सफल उपचार किया गया है। उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि इस सेवा से पशुओं को समय पर इलाज मिलने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ हो रही है और पशुपालन सुरक्षित व टिकाऊ बन रहा है।
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