बनने की उम्र में न लगाएं बिगडने की लत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ड्रग्स या नशा एक तरह से वन वे ट्रैफिक है। एक बार इस मार्ग पर चल पड़े तो फिर निकलने का रास्ता नहीं मिलता। एसपी अनुपम शर्मा ने वीरवार को रक्कड़ स्थित रॉक फोर्ड डे बोर्डिंग स्कूल में बच्चों को संबोधित करते हुए यह बात कही। वीरवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रॉकफोर्ड स्कूल में विशेष अभियान के तहत पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे एसपी अनुपम शर्मा ने बच्चों को नशे के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि नशे हमें नींद की ओर ले जाते हैं और हमारे नर्वस सिस्टम पर अटैक करते हैं, जिससे व्यक्ति की सोचने, समझने या चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित होती है।
शुरुआत में नशा व्यक्ति को उत्तेजित करता है। लेकिन बाद में नशे की लत लग जाए तो फिर इससे बचना मुश्किल हो जाता है। इससे व्यक्ति सामाजिक तौर पर भी अलग-थलग पड़ जाता है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि एक अपनी पहचान होनहार के रूप में बनाएं न कि नशेड़ी के रूप में। कार्यक्रम में बतौर विशेषज्ञ पहुंचे जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने बच्चों को विभिन्न नशों से होने वाले दुष्प्रभाव पर वैज्ञानिक तरीके से व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति पहले नशा शौकिया तौर पर करता है, लेकिन उसके बाद मुश्किल हो जाती है। व्यक्ति चाह कर भी नशे के दलदल से नहीं निकल पाता।
उन्होंने कहा कि फ्ल्यूड जैसे नशे से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। वहीं, कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक दड़ोच ने भी बच्चों को नशों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। एसएचओ सदर इंस्पेक्टर शेर सिंह ने बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो नशे के बारे में कुछ नहीं जानता, वही सबसे पहले इसका शिकार होता है। इसलिए किसी के भी कहने पर नशा न करें। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि 18 साल की उम्र के बाद ही वाहन चलाएं। उन्होंने बच्चों को बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
क्या बोले बच्चे
अमर उजाला का अभियान सराहनीय
जमा दो के छात्र तारीश बख्शी ने पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम की फीडबैक देते हुए इसे एक सराहनीय प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने अमर उजाला में इस कार्यक्रम की खबर पढ़ी थी। अपने स्कूल में वह इस कार्यक्रम का इंतजार कर रहे थे।
कहां से आती हैं नशीली दवाएं
दसवीं की छात्रा स्तुति ने एसपी अनुपम शर्मा से सवाल किया कि अगर नशीली दवाइयां प्रतिबंधित हैं तो ये कहां से आती हैं? इस पर एसपी ने छात्रा की जिज्ञासा शांत करते हुए बताया कि बहुत सी दवाइयां चिकित्सकीय प्रयोग के लिए तैयार की जाती हैं। लेकिन, उनका गलत तरीके से इस्तेमाल नशे का रूप ले लेता है।
कैसे नजर रखती है पुलिस
जमा एक के छात्र अनुज ने पूछा कि अगर कोई छात्र नशा करता हुआ पकड़ा जाता है तो क्या छोड़ देने के बाद भी पुलिस उस पर नजर रखती है। इस पर एसपी ने कहा कि पुलिस ऐसे संवेदनशील मामलों को ऑब्जर्वेशन में रखती है। ड्रग एडिक्शन के शिकार बहुत से युवाओं को पुनर्वास केंद्रों में भी चिकित्सा दिलानी पड़ती है।
नशे की खपत ज्यादा कहां?
छात्रा अनन्या शर्मा ने कहा कि प्रदेश के किस हिस्से में नशे की ज्यादा खपत है। क्या धर्मशाला या मनाली में ज्यादा मामले हैं? इस पर एसपी ने छात्रा के सवालों का जवाब देते हुए उसकी जिज्ञासा शांत की।
अच्छा नहीं रहा अनुभव
छात्र वैभव ने अपने साथ हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उनका अनुभव पुलिस के साथ अच्छा नहीं रहा। इस पर एसपी ने छात्र को आश्वस्त करते हुए कहा कि ऊना जिले में अगर कोई भी पुलिस कर्मी किसी से गलत व्यवहार करता है तो उसकी शिकायत सीधे तौर पर उनसे की जा सकती है।
इनसेट
इन्होंने भी पूछे सवाल
पुलिस की पाठशाला में छात्र आशुतोष ने बेहतरीन मंच संचालन किया। इसके अलावा छात्रों संदीप धीमान, सुमेश ठाकुर ने भी पुलिस अधिकारियों से कार्यशाला में सवाल किए। प्रबंधक वर्ग की ओर से विनोद आनंद और सुमित आनंद मौजूद रहे।
क्या बोले एसपी
पुलिस को करें सूचित
एसपी अनुपम शर्मा ने कहा कि अगर किसी को भी नशा करने वाले या इसके कारोबार होने की सूचना मिलती है तो पुलिस के नंबर 100 पर डायल करें। पुलिस को सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। इसके अलावा ऊना थाने के नंबर 01975-226028 या कंट्रोल रूम 226048 अथवा हेल्पलाइन नंबर 9459100100 पर जानकारी दे सकते हैं।
इनसेट
क्या बोलीं प्रधानाचार्या
रॉकफोर्ड स्कूल की प्रिंसिपल एकता अत्री ने समारोह में पहुंचे अतिथियों का आभार जताते हुए इस कार्यक्रम के लिए अमर उजाला का धन्यवाद किया। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि कार्यक्रम में अधिकारियों ने उन्हें जो नसीहत दी है, उस पर अमल करें।