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Una News: मिट्टी हटाई, रामपुर बैली ब्रिज पर खुद खुल गया रास्ता
Tue, 06 Oct 2026 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 06 Oct 2026 12:40 AM IST
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ऊना। बैली ब्रिज के मुहाने पर पहुंचते ही तस्वीर साफ हो जाती है। रास्ता रोकने के लिए डाली गई मिट्टी अब किनारे पड़ी है और उसके बीच से कारें और जीपें पुल की ओर बढ़ रही हैं। छोटे वाहनों की आवाजाही की अभी मंजूरी नहीं मिली है लेकिन लोगों ने इंतजार से तंग आकर खुद ही मिट्टी हटाकर रास्ता खोल दिया। अब सवाल सिर्फ नियम तोड़ने का नहीं बल्कि उस खतरे का है जिसकी जिम्मेदारी तय करने वाला कोई नजर नहीं आ रहा।
मौके पर हालात ऐसे हैं कि एक तरफ पुल को छोटे वाहनों के लिए सुरक्षित घोषित करने की मंजूरी नहीं मिली है, दूसरी तरफ लोगों की मजबूरी और रोजमर्रा की आवाजाही ने बंद रास्ते को फिर खोल दिया है। वाहन चालक जोखिम उठाकर बैली ब्रिज पार कर रहे हैं। यदि पुल पर वाहन के गुजरते समय कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सवाल मौके पर खड़े हर व्यक्ति के मन में है।
लोक निर्माण विभाग को भी इस स्थिति का अंदाजा था। विभाग ने प्रशासन से पुल की निगरानी के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी थी लेकिन अब तक पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
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मौके पर न निगरानी, न कोई रोकने वाला। बैली ब्रिज पर सबसे बड़ी चिंता यही है कि जब विभाग खुद सुरक्षा को लेकर पुलिस की जरूरत महसूस कर रहा है तो मौके पर निगरानी की जिम्मेदारी कौन संभाल रहा है।
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बैली ब्रिज पर पिछले कई दिनों से छोटे चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक है। लोगों को मजबूरी में रामपुर खड्ड से होकर गुजरना पड़ रहा है। खड्ड का रास्ता भी बडे वाहनों की आवाजाही के कारण खराब है। ऐसे में छोटे वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ब्रिज को कम से कम छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए तो खोल देना चाहिए।
-कृष्ण ठाकुर, स्थानीय निवासी
छोटे वाहनों के लिए पुल को खोल देना चाहिए। जब तक पुलिस सुरक्षा नहीं मिलती तब तक सीसीटीवी कैमरे ही लगा देते। कम से कम लोगों को परेशानी तो न उठानी पड़े।
-सिद्धार्थ राणा, स्थानीय निवासी
यह मामला ध्यान में आया है। ब्रिज की सुरक्षा के लिए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की गई है। जल्द ही रामपुर पुल का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। टेंडर अवार्ड करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
-एचएल शर्मा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग ऊना
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मौके पर हालात ऐसे हैं कि एक तरफ पुल को छोटे वाहनों के लिए सुरक्षित घोषित करने की मंजूरी नहीं मिली है, दूसरी तरफ लोगों की मजबूरी और रोजमर्रा की आवाजाही ने बंद रास्ते को फिर खोल दिया है। वाहन चालक जोखिम उठाकर बैली ब्रिज पार कर रहे हैं। यदि पुल पर वाहन के गुजरते समय कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सवाल मौके पर खड़े हर व्यक्ति के मन में है।
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लोक निर्माण विभाग को भी इस स्थिति का अंदाजा था। विभाग ने प्रशासन से पुल की निगरानी के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी थी लेकिन अब तक पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
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मौके पर न निगरानी, न कोई रोकने वाला। बैली ब्रिज पर सबसे बड़ी चिंता यही है कि जब विभाग खुद सुरक्षा को लेकर पुलिस की जरूरत महसूस कर रहा है तो मौके पर निगरानी की जिम्मेदारी कौन संभाल रहा है।
बैली ब्रिज पर पिछले कई दिनों से छोटे चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक है। लोगों को मजबूरी में रामपुर खड्ड से होकर गुजरना पड़ रहा है। खड्ड का रास्ता भी बडे वाहनों की आवाजाही के कारण खराब है। ऐसे में छोटे वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ब्रिज को कम से कम छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए तो खोल देना चाहिए।
-कृष्ण ठाकुर, स्थानीय निवासी
छोटे वाहनों के लिए पुल को खोल देना चाहिए। जब तक पुलिस सुरक्षा नहीं मिलती तब तक सीसीटीवी कैमरे ही लगा देते। कम से कम लोगों को परेशानी तो न उठानी पड़े।
-सिद्धार्थ राणा, स्थानीय निवासी
यह मामला ध्यान में आया है। ब्रिज की सुरक्षा के लिए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की गई है। जल्द ही रामपुर पुल का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। टेंडर अवार्ड करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
-एचएल शर्मा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग ऊना