{"_id":"6863e12533881b87b7001489","slug":"the-water-level-of-the-swan-river-increased-five-migrants-who-had-gone-fishing-got-stuck-in-the-middle-una-news-c-93-1-ssml1048-157914-2025-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: स्वां नदी का बढ़ा जलस्तर, बीच में फंसे मछली पकड़ने गए पांच प्रवासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: स्वां नदी का बढ़ा जलस्तर, बीच में फंसे मछली पकड़ने गए पांच प्रवासी
विज्ञापन
स्वां नदी में फंसे प्रवासियों को बाहर निकालने में जुटी सुरक्षाबलों की टीम। स्रोत विभाग
- फोटो : Self
राहत बचाव टीमों ने सवा दो घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाले
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला के गांव बसाल में स्थित स्वां नदी में मछली पकड़ने गए पांच प्रवासी अचानक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बीच धार में फंस गए। सूचना पर मौके पर पहुंची राहत और बचाव टीमों ने दो घंटों के अधिक समय तक कड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार यह घटना मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे की है, जब सोमभद्रा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और नदी के दोनों ओर तेज धाराएं बहने लगीं। इससे पांचों प्रवासी नदी के बीचोबीच एक उभरे हुए स्थान पर फंस गए और स्वयं को बाहर निकालना उनके लिए संभव नहीं रहा। लोगों ने जब उन्हें संकट में देखा तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही पंडोगा पुलिस चौकी से पुलिस टीम, होमगार्ड के जवान और ऊना से दमकल विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। करीब सवा दो घंटे तक चला यह बचाव अभियान अत्यंत जोखिम भरा रहा, क्योंकि नदी की धाराएं तेज थीं और जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। प्रशासन की सतर्कता, समन्वय और सूझबूझ से सभी पांचों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू टीम ने रस्सियों और लाइफ जैकेट्स की सहायता से एक-एक कर सभी को बाहर निकाला। मौके पर मौजूद दमकल अधिकारी और पुलिस टीम के नेतृत्व ने रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाया।
-- --
बॉक्स
नदी के आसपास दिनभर रहती है प्रवासियों की मौजूदगी
स्वां नदी के आसपास दिनभर प्रवासी लोगों की मौजूदगी रहती है। प्रवासियों के बच्चे घालूवाल और अन्य स्थानों पर नदी के आसपास घूमते देखे जा सकते हैं। वहीं, कई प्रवासी दिनभर मछली पकड़ने के लिए नदी के आसपास जमे रहते हैं, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं। घालूवाल पुल के पास प्रवासियों की झुग्गियां भी नदी क्षेत्र के भीतर हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने लोगों से आग्रह किया है कि बरसात के मौसम में नदियों और नालों के पास जाने से परहेज करें। जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है, जिससे जान को खतरा हो सकता है। विशेषकर प्रवासी मजदूरों और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला के गांव बसाल में स्थित स्वां नदी में मछली पकड़ने गए पांच प्रवासी अचानक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बीच धार में फंस गए। सूचना पर मौके पर पहुंची राहत और बचाव टीमों ने दो घंटों के अधिक समय तक कड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार यह घटना मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे की है, जब सोमभद्रा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और नदी के दोनों ओर तेज धाराएं बहने लगीं। इससे पांचों प्रवासी नदी के बीचोबीच एक उभरे हुए स्थान पर फंस गए और स्वयं को बाहर निकालना उनके लिए संभव नहीं रहा। लोगों ने जब उन्हें संकट में देखा तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही पंडोगा पुलिस चौकी से पुलिस टीम, होमगार्ड के जवान और ऊना से दमकल विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। करीब सवा दो घंटे तक चला यह बचाव अभियान अत्यंत जोखिम भरा रहा, क्योंकि नदी की धाराएं तेज थीं और जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। प्रशासन की सतर्कता, समन्वय और सूझबूझ से सभी पांचों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू टीम ने रस्सियों और लाइफ जैकेट्स की सहायता से एक-एक कर सभी को बाहर निकाला। मौके पर मौजूद दमकल अधिकारी और पुलिस टीम के नेतृत्व ने रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाया।
विज्ञापन
बॉक्स
नदी के आसपास दिनभर रहती है प्रवासियों की मौजूदगी
स्वां नदी के आसपास दिनभर प्रवासी लोगों की मौजूदगी रहती है। प्रवासियों के बच्चे घालूवाल और अन्य स्थानों पर नदी के आसपास घूमते देखे जा सकते हैं। वहीं, कई प्रवासी दिनभर मछली पकड़ने के लिए नदी के आसपास जमे रहते हैं, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं। घालूवाल पुल के पास प्रवासियों की झुग्गियां भी नदी क्षेत्र के भीतर हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने लोगों से आग्रह किया है कि बरसात के मौसम में नदियों और नालों के पास जाने से परहेज करें। जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है, जिससे जान को खतरा हो सकता है। विशेषकर प्रवासी मजदूरों और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।