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Una News: भाखड़ा बांध का जलस्तर पहुंचा 1658 फीट के पार
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89361 क्यूसिक पानी की हुई आमद
संवाद न्यूज एजेंसी
नंगल (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर भाखड़ा बांध के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बीते कुछ दिनों में भाखड़ा बांध के पीछे बनी विशाल गोबिंद सागर झील में रोजाना दो से तीन फीट से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीबीएमबी प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को झील में पानी की आमद 89,361 क्यूसिक रही, जिससे भाखड़ा डैम का जलस्तर बढ़कर 1658.79 फीट तक पहुंच गया। बिजली उत्पादन के लिए टर्बाइनों से 22,864 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। वहीं, नंगल बांध से नंगल हाइडल नहर में 12,350 क्यूसिक और श्री आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में घटाकर 10,150 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। इसके अलावा सतलुज नदी में नंगल डैम से केवल 650 क्यूसिक पानी ही छोड़ा गया। अगर पिछले वर्ष की तुलना करें तो इसी दिन भाखड़ा बांध का जलस्तर 1627.45 फीट था, जबकि मौजूदा समय में यह करीब 31 फीट अधिक है। जानकारों का कहना है कि यदि इसी तरह पानी की आमद जारी रही तो भाखड़ा बांध का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच सकता है। भाखड़ा बांध में जलभराव का सीजन 15 सितंबर तक माना जाता है। बांध का अधिकतम सुरक्षित जलस्तर 1680 फीट है, हालांकि तकनीकी रूप से इसे 1685 फीट तक भी ले जाया जा सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नंगल (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर भाखड़ा बांध के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बीते कुछ दिनों में भाखड़ा बांध के पीछे बनी विशाल गोबिंद सागर झील में रोजाना दो से तीन फीट से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीबीएमबी प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को झील में पानी की आमद 89,361 क्यूसिक रही, जिससे भाखड़ा डैम का जलस्तर बढ़कर 1658.79 फीट तक पहुंच गया। बिजली उत्पादन के लिए टर्बाइनों से 22,864 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। वहीं, नंगल बांध से नंगल हाइडल नहर में 12,350 क्यूसिक और श्री आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में घटाकर 10,150 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। इसके अलावा सतलुज नदी में नंगल डैम से केवल 650 क्यूसिक पानी ही छोड़ा गया। अगर पिछले वर्ष की तुलना करें तो इसी दिन भाखड़ा बांध का जलस्तर 1627.45 फीट था, जबकि मौजूदा समय में यह करीब 31 फीट अधिक है। जानकारों का कहना है कि यदि इसी तरह पानी की आमद जारी रही तो भाखड़ा बांध का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच सकता है। भाखड़ा बांध में जलभराव का सीजन 15 सितंबर तक माना जाता है। बांध का अधिकतम सुरक्षित जलस्तर 1680 फीट है, हालांकि तकनीकी रूप से इसे 1685 फीट तक भी ले जाया जा सकता है।