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Una News: नल के इंतजार में टूट गई प्रेमलता के जीवन की डोर
Thu, 05 Sep 2024 03:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 05 Sep 2024 03:08 AM IST
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सुरेश बसन
ऊना। जल जीवन मिशन और हर घर जल के नारे तो हम सभी को याद होंगे, लेकिन धरातल पर यह कितने सच्चे हैं। इसका ताजा उदाहरण नगर परिषद संतोषगढ़ की एक दिवंगत वृद्धा के जीवनकाल के हालातों से देखने को मिला है।
संतोषगढ़ के वार्ड नौ की रहने वाली प्रेमलता को घर में जीवन के अंतिम पड़ाव में नल तो नहीं मिला, लेकिन मौत के दो महीने बाद जल शक्ति विभाग ने जरूर नल लगाकर नजर ए इनाएत की है। स्थनीय नेताओं से लेकर जल शक्ति विभाग ऊना के अधिकारी बधाई के पात्र हैं! अब प्रेमलता इस दुनिया में नहीं है और उसके घर चार दिन पहले नल लग गया, लेकिन प्रेमलता के वृद्धावस्था के काल में वह अपने मकान में नल के लिए नेताओं से लेकर विभागीय अधिकारियों तक मिन्नते करती रही, लेकिन कभी निजी जमीन का तो कभी रास्ता न होने का हवाला देकर प्रेमलता के घर नल नहीं लग पाया। सवाल यह भी है कि अब उसी घर में नल की सुविधा कैसे हो गई। इस बात को लेकर स्थानीय बुद्धिजीवी भी चर्चा कर रहे हैं। अब लगे नल की बूंदे यकीनन मृतक प्रेमलता के हल्क की प्यास बुझाने के काम नहीं आएंगी। वरिष्ठ जनों को कितनी प्राथमिकता मिलती है, इसका प्रमाण भी स्पष्ट करती है। यही वजह है कि आश्वासनों के चक्कर में प्रेम लता अपने जीवन रहते साथ लगते 50 मीटर दूर मंदिर के नल से प्लास्टिक पाइप लगाकर पानी भरने को मजबूर रही। प्रदेश और जिला में जल जीवन मिशन और हर घर नल के नारे अब इस घटनाक्रम में बेमानी साबित हो रहे हैं।
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किन्हीं कारणों से नल लगने में देरी हुई होगी, अन्यथा विभागीय तौर पर ऐसा नहीं होता। फिर भी भविष्य में वरिष्ठजनों को ऐसी सुविधा पर अधिकारियों की प्राथमिकता तय की जाएगी।
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-ई. नरेश कुमार धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग, ऊना
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यकीनन ही यह गंभीर विषय है। प्रशासनिक स्तर पर वरिष्ठजनों का सम्मान एवं कार्य प्राथमिकता से तय हों, इसके लिए सभी विभागों को निर्देश दिए जाएंगे।
-जतिन लाल, उपायुक्त, ऊना
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ऊना। जल जीवन मिशन और हर घर जल के नारे तो हम सभी को याद होंगे, लेकिन धरातल पर यह कितने सच्चे हैं। इसका ताजा उदाहरण नगर परिषद संतोषगढ़ की एक दिवंगत वृद्धा के जीवनकाल के हालातों से देखने को मिला है।
संतोषगढ़ के वार्ड नौ की रहने वाली प्रेमलता को घर में जीवन के अंतिम पड़ाव में नल तो नहीं मिला, लेकिन मौत के दो महीने बाद जल शक्ति विभाग ने जरूर नल लगाकर नजर ए इनाएत की है। स्थनीय नेताओं से लेकर जल शक्ति विभाग ऊना के अधिकारी बधाई के पात्र हैं! अब प्रेमलता इस दुनिया में नहीं है और उसके घर चार दिन पहले नल लग गया, लेकिन प्रेमलता के वृद्धावस्था के काल में वह अपने मकान में नल के लिए नेताओं से लेकर विभागीय अधिकारियों तक मिन्नते करती रही, लेकिन कभी निजी जमीन का तो कभी रास्ता न होने का हवाला देकर प्रेमलता के घर नल नहीं लग पाया। सवाल यह भी है कि अब उसी घर में नल की सुविधा कैसे हो गई। इस बात को लेकर स्थानीय बुद्धिजीवी भी चर्चा कर रहे हैं। अब लगे नल की बूंदे यकीनन मृतक प्रेमलता के हल्क की प्यास बुझाने के काम नहीं आएंगी। वरिष्ठ जनों को कितनी प्राथमिकता मिलती है, इसका प्रमाण भी स्पष्ट करती है। यही वजह है कि आश्वासनों के चक्कर में प्रेम लता अपने जीवन रहते साथ लगते 50 मीटर दूर मंदिर के नल से प्लास्टिक पाइप लगाकर पानी भरने को मजबूर रही। प्रदेश और जिला में जल जीवन मिशन और हर घर नल के नारे अब इस घटनाक्रम में बेमानी साबित हो रहे हैं।
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किन्हीं कारणों से नल लगने में देरी हुई होगी, अन्यथा विभागीय तौर पर ऐसा नहीं होता। फिर भी भविष्य में वरिष्ठजनों को ऐसी सुविधा पर अधिकारियों की प्राथमिकता तय की जाएगी।
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-ई. नरेश कुमार धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग, ऊना
यकीनन ही यह गंभीर विषय है। प्रशासनिक स्तर पर वरिष्ठजनों का सम्मान एवं कार्य प्राथमिकता से तय हों, इसके लिए सभी विभागों को निर्देश दिए जाएंगे।
-जतिन लाल, उपायुक्त, ऊना