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Una News: बंदरों का उत्पात, खेतों में लूट, घरों में लगा रहे घात

Thu, 03 Apr 2025 07:29 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 03 Apr 2025 07:29 AM IST
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The situation worsened due to the monkeys' nuisance, they looted the fields and ambushed the houses
गांव ठठल में घरों के आस पास घूमते बंदर।संवाद
नंदपुर (ऊना)। उपमंडल अंब के विभिन्न गांवों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे ग्रामीणों की खेतीबाड़ी के साथ ही रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। गांव ठठल, चक्क और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों का झुंड फसलों को नष्ट करने के साथ-साथ राहगीरों पर हमला करने के अलावा घरों में भी उत्पात मचा रहा है।
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गांव ठठल के उपप्रधान रोहित बाली ने बताया कि बंदरों के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सब्जियों, फलों और अनाज की फसलें बर्बाद हो रही हैं। इससे ग्रामीणों की आजीविका पर असर पड़ रहा है। गांववासियों का कहना है कि अब बंदर सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि घरों में घुसकर सामान नष्ट कर रहे हैं और राहगीरों को परेशान कर रहे हैं।
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गांव चक्क की शशि बाला, आशा रानी और नितिन कुमार ने बताया कि बंदरों की वजह से निजी संपत्ति को भी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि धूप में कपड़े या अन्य सामान बाहर सुखाने में भी डर लगता है। गांव ठठल, चक्क और आसपास के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से बंदरों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
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वन विभाग की स्थिति पर वन रेंज अधिकारी राहुल ठाकुर ने बताया कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 2023 में संशोधन के बाद इस समस्या का समाधान निकालना कठिन हो गया है। नए नियमों के तहत बजट का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे बंदरों को पकड़ने का कार्य ठप पड़ा है। पिछले एक साल में वन विभाग ने एक भी बंदर नहीं पकड़ा है।
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