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Una News: सावन में फलों के दामों में उछाल से बिगड़ा घरेलू बजट

Sun, 13 Jul 2025 07:17 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jul 2025 07:17 PM IST
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The rise in the prices of fruits in the month of Saavan has spoiled the household budget
केला, सेब, अनार, नाशपाती और नारियल के बढ़े दाम
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भोलेनाथ पर चढ़ावे और व्रत उपवास के कारण बढ़ी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। सावन का पावन महीना शुरू होने वाला है। इस बार जैसे ही माह शुरू होने को आया है, फलों के दामों में अचानक तेजी आ गई है। केला जो पहले 60 रुपये दर्जन था, अब 80 रुपये का हो गया है। अनार 150 से बढ़कर 200 रुपये किलो, सेब 100 से 120 रुपये किलो, नाशपाती 80 से 120 रुपये और हरा नारियल 50 से बढ़कर 80 रुपये का हो गया है। शिव भक्त जहां भोलेनाथ को प्रिय फल अर्पित करने की तैयारी में लगे हैं, वहीं उपवास करने वाले श्रद्धालुओं के लिए फलाहार अनिवार्य होने से इनकी मांग भी बढ़ गई है। इससे आमजन खासकर गृहणियों का घरेलू बजट गड़बड़ा गया है। फल विक्रेताओं का कहना है कि बारिश और परिवहन में आई समस्याओं के कारण आपूर्ति बाधित हुई है। इसी वजह से दाम बढ़े हैं। महंगाई के इस दौर में लोगों की जेब पर इसका असर साफ नजर आ रहा है। प्रशासन और मंडी समिति से अपेक्षा की जा रही है कि मूल्य नियंत्रण के लिए जल्द कदम उठाए जाएं।
क्या कहते हैं लोग
रजनी बाला कहती हैं- सावन में हम भोलेनाथ पर केला, नारियल और मौसमी फल जैसे नाशपाती चढ़ाते हैं। हर साल यह महीना श्रद्धा और भक्ति से भरा होता है, लेकिन इस बार महंगाई ने श्रद्धा पर भी असर डाला है।
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इंदु बाला बताती हैं-सावन के सोमवार के व्रत में अधिकतर लोग फलाहार करते हैं। फल के बिना व्रत अधूरा लगता है। लेकिन अब कीमतें देखकर मन में शंका हो रही है कि पूरे महीने व्रत निभा भी पाएंगे या नहीं।
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सीमा शर्मा ने चिंता जाहिर करते हुए कहा, फल महंगे होने से परिवार का बजट गड़बड़ हो जाएगा। बच्चों के लिए दूध-दही के साथ फल भी जरूरी हैं। अब वही सीमित मात्रा में लेना होगा।

स्थानीय मंदिर के पंडित दीपक शर्मा का कहना है कि सावन में शिवलिंग पर कुछ विशेष फल चढ़ाने का धार्मिक महत्व है। शिवपुराण और अन्य ग्रंथों में उल्लेख है कि केला, रामफल, नाशपाती जैसे फल अर्पित करने से पुण्य प्राप्त होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसलिए इन फलों की मांग बढ़ जाती है।
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