{"_id":"6950291c402ee9770f0b88b6","slug":"the-elderly-patient-asked-brother-for-how-many-days-will-the-strike-last-the-worker-said-i-dont-know-una-news-c-93-1-ssml1047-176409-2025-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: बुजुर्ग मरीज ने पूछा- भाई हड़ताल किन्ने दिन चलणी, कर्मी बोला कुछ नहीं पता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: बुजुर्ग मरीज ने पूछा- भाई हड़ताल किन्ने दिन चलणी, कर्मी बोला कुछ नहीं पता
विज्ञापन
डॉक्टरों की हड़ताल के चलते सूना पड़ा ऊना अस्पताल। संवाद
क्षेत्रीय अस्पताल में शनिवार को नहीं दिखी अधिक मरीजों की संख्या
आपातकाल ओपीडी में मिलीं स्वास्थ्य सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्थान : क्षेत्रीय अस्पताल। समय : 11.00 बजे। मुख्य गेट और पार्किंग के आसपास अन्य दिनों की अपेक्षा काफी संख्या में वाहन पार्क हुए हैं। अस्पताल के धरातल तल पर मेडिसिन ओपीडी के बाहर इक्का दुक्का मरीज बैठे हैं। इस दौरान कोई सुरक्षा कर्मी ओपीडी के बाहर तैनात नहीं है। ओपीडी का दरवाजा बंद पड़ा है। बेंच पर बैठे दो प्रवासी मजदूर उपचार करवाने के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वह सुबह नौ बजे ही अस्पताल पहुंच गए थे। लेकिन, अब पता चला कि आज चिकित्सक ओपीडी में नहीं बैठेंगे। ऐसे में घर लौट रहे हैं। इसके अलावा धरातल तल पर मौजूद अन्य ओपीडी में सन्नाटा पसरा हुआ है। इक्का दुक्का लोग ही अस्पताल में नजर आ रहे हैं। समय 11.15 बजे धरातल तल पर ही स्थित आपातकाल ओपीडी में आने वाले मरीजों का उपचार चल रहा है। आपातकाल ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल की अन्य जनरल ओपीडी के बाहर एक बुजुर्ग महिला व पुरुष भी पर्ची लेकर ओपीडी बाहर बैठे हैं। जब इन मरीजों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी दवाई खत्म हो गई थी। इसलिए डॉक्टर साहब ने 10 दिन बाद जांच के लिए दोबारा बुलाया था। अब डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान वहां से गुजर रहे अस्पताल के एक कर्मचारी ने उन्हें बताया कि चिकित्सकों की हड़ताल चल रही है। अब हड़ताल खत्म होने के बाद ही वह ओपीडी में सेवाएं देंगे। इस पर बुजुर्ग ने कर्मचारी से पूछा कि भाई हड़ताल किन्ने दिन चलणी। इस पर कर्मचारी ने कहा कि इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है कि हड़ताल कितने दिन चलेगी। इसके बाद बुजुर्ग मरीज वहां से उठकर अस्पताल के बाहर चले जाते हैं। मातृ शिशु अस्पताल के भवन में गायनी ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ देखने को नहीं मिल रही है। सामान्य दिनों में इस ओपीडी के बाहर सबसे अधिक भीड़ रहती है। लेकिन, चिकित्सकों की हड़ताल के चलते लोग अस्पताल का रुख करने से कतरा रहे हैं। शनिवार को पर्ची काउंटर पर भी भीड़ देखने को नहीं मिली। ऐसे में शनिवार को अस्पताल में सन्नाटा ही पसरा रहा। इस पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय मनकोटिया ने कहा कि चिकित्सक हड़ताल पर चले गए हैं। इस कारण ओपीडी में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। आपातकाल ओपीडी में ही सुचारु रूप से सेवाएं चल रही हैं।
विज्ञापन
आपातकाल ओपीडी में मिलीं स्वास्थ्य सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्थान : क्षेत्रीय अस्पताल। समय : 11.00 बजे। मुख्य गेट और पार्किंग के आसपास अन्य दिनों की अपेक्षा काफी संख्या में वाहन पार्क हुए हैं। अस्पताल के धरातल तल पर मेडिसिन ओपीडी के बाहर इक्का दुक्का मरीज बैठे हैं। इस दौरान कोई सुरक्षा कर्मी ओपीडी के बाहर तैनात नहीं है। ओपीडी का दरवाजा बंद पड़ा है। बेंच पर बैठे दो प्रवासी मजदूर उपचार करवाने के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वह सुबह नौ बजे ही अस्पताल पहुंच गए थे। लेकिन, अब पता चला कि आज चिकित्सक ओपीडी में नहीं बैठेंगे। ऐसे में घर लौट रहे हैं। इसके अलावा धरातल तल पर मौजूद अन्य ओपीडी में सन्नाटा पसरा हुआ है। इक्का दुक्का लोग ही अस्पताल में नजर आ रहे हैं। समय 11.15 बजे धरातल तल पर ही स्थित आपातकाल ओपीडी में आने वाले मरीजों का उपचार चल रहा है। आपातकाल ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल की अन्य जनरल ओपीडी के बाहर एक बुजुर्ग महिला व पुरुष भी पर्ची लेकर ओपीडी बाहर बैठे हैं। जब इन मरीजों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी दवाई खत्म हो गई थी। इसलिए डॉक्टर साहब ने 10 दिन बाद जांच के लिए दोबारा बुलाया था। अब डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान वहां से गुजर रहे अस्पताल के एक कर्मचारी ने उन्हें बताया कि चिकित्सकों की हड़ताल चल रही है। अब हड़ताल खत्म होने के बाद ही वह ओपीडी में सेवाएं देंगे। इस पर बुजुर्ग ने कर्मचारी से पूछा कि भाई हड़ताल किन्ने दिन चलणी। इस पर कर्मचारी ने कहा कि इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है कि हड़ताल कितने दिन चलेगी। इसके बाद बुजुर्ग मरीज वहां से उठकर अस्पताल के बाहर चले जाते हैं। मातृ शिशु अस्पताल के भवन में गायनी ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ देखने को नहीं मिल रही है। सामान्य दिनों में इस ओपीडी के बाहर सबसे अधिक भीड़ रहती है। लेकिन, चिकित्सकों की हड़ताल के चलते लोग अस्पताल का रुख करने से कतरा रहे हैं। शनिवार को पर्ची काउंटर पर भी भीड़ देखने को नहीं मिली। ऐसे में शनिवार को अस्पताल में सन्नाटा ही पसरा रहा। इस पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय मनकोटिया ने कहा कि चिकित्सक हड़ताल पर चले गए हैं। इस कारण ओपीडी में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। आपातकाल ओपीडी में ही सुचारु रूप से सेवाएं चल रही हैं।