{"_id":"638e2a97bc3c13516e333f05","slug":"the-consignment-of-medicines-did-not-come-in-ayurvedic-centers-for-four-months-una-news-sml429939829","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: आयुर्वेदिक केंद्रों में चार महीने से नहीं आई दवाइयों की खेप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: आयुर्वेदिक केंद्रों में चार महीने से नहीं आई दवाइयों की खेप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सतीश शर्मा
नारी (ऊना)। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खुले आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों का टोटा चल रहा है। जिले में कुल 75 आयुर्वेदिक केंद्र हैं। इनमें से 31 को वैलनेस केंद्र बनाया है। वैलनेस केंद्रों में दवाइयों की कमी नहीं है, लेकिन अन्य केंद्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इलाज करवाने पहुंचे रामलाल, दक्ष कुमार, वर्षा रानी, जीवन पाल, कमलेश, महेश, सुदेश कुमार आदि मरीजों ने बताया कि वे गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं। आयुर्वेदिक केंद्रों में सस्ती दवाई मिल जाती है और उनकी जेब का बोझ कम हो जाता है। अब आयुर्वेदिक केंद्रों में दवाई नहीं मिल रही। इससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर भी चार महीने से सरकारी सप्लाई न आने की बात कह रहे हैं। जिन चिकित्सकों ने ऊना की तरफ जाना होता है, वे मुख्यालय अस्पताल से काम चलाने के लिए थोड़ी बहुत दवाइयां ले आते हैं। उससे कुछ दिन का ही गुजारा होता है और कई मरीजों को तो इलाज से संबंधित पूरी दवाई मिल ही नहीं पाती। उन्हें बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं।
विज्ञापन
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी ऐसे लोगों की संख्या काफी अधिक हैं, जो छोटी मोटी बीमारी का इलाज घर के नजदीक आयुर्वेदिक केंद्रों में करवाते हैं। पैसे की बचत के अलावा कई लोग आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन बेहतर मानते हैं।
जिले के वैलनेस केंद्रों में दवाइयों की कोई कमी नहीं है। आयुर्वेदिक केंद्रों में दवाइयों की कमी मेरे ध्यान में अभी आई है। इसकी जांच कर सरकारी सप्लाई ग्रामीण क्षेत्रों में जल्द से जल्द भेजी जाएगी।
डॉक्टर आनंदी शैली, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी।
विज्ञापन
नारी (ऊना)। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खुले आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों का टोटा चल रहा है। जिले में कुल 75 आयुर्वेदिक केंद्र हैं। इनमें से 31 को वैलनेस केंद्र बनाया है। वैलनेस केंद्रों में दवाइयों की कमी नहीं है, लेकिन अन्य केंद्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इलाज करवाने पहुंचे रामलाल, दक्ष कुमार, वर्षा रानी, जीवन पाल, कमलेश, महेश, सुदेश कुमार आदि मरीजों ने बताया कि वे गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं। आयुर्वेदिक केंद्रों में सस्ती दवाई मिल जाती है और उनकी जेब का बोझ कम हो जाता है। अब आयुर्वेदिक केंद्रों में दवाई नहीं मिल रही। इससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।
विज्ञापन
आयुर्वेदिक डॉक्टर भी चार महीने से सरकारी सप्लाई न आने की बात कह रहे हैं। जिन चिकित्सकों ने ऊना की तरफ जाना होता है, वे मुख्यालय अस्पताल से काम चलाने के लिए थोड़ी बहुत दवाइयां ले आते हैं। उससे कुछ दिन का ही गुजारा होता है और कई मरीजों को तो इलाज से संबंधित पूरी दवाई मिल ही नहीं पाती। उन्हें बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं।
विज्ञापन
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी ऐसे लोगों की संख्या काफी अधिक हैं, जो छोटी मोटी बीमारी का इलाज घर के नजदीक आयुर्वेदिक केंद्रों में करवाते हैं। पैसे की बचत के अलावा कई लोग आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन बेहतर मानते हैं।
जिले के वैलनेस केंद्रों में दवाइयों की कोई कमी नहीं है। आयुर्वेदिक केंद्रों में दवाइयों की कमी मेरे ध्यान में अभी आई है। इसकी जांच कर सरकारी सप्लाई ग्रामीण क्षेत्रों में जल्द से जल्द भेजी जाएगी।
डॉक्टर आनंदी शैली, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी।