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नियमितीकरण में 31 मार्च की शर्त दुर्भाग्यपूर्ण : सैनी
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स्कूल प्रवक्ता संघ ने जताया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ऊना के अध्यक्ष शशिपाल सैनी और महासचिव संजीव कुमार ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि अनुबंध कर्मचारी के नियमितीकरण में 31 मार्च की शर्त दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार बार-बार ऐसे आदेश कर रही है। इससे अनुबंध अवधि सेवा काल में नहीं जोड़ी जाएगी। अगर ऐसे ही फरमान जारी करने हैं तो विभाग को चाहिए कि जैसे ही दो साल पूरे होते हैं तो कर्मचारियों को नियमित कर देना चाहिए। यह भी एक सोच का विषय है। अगर कोई कर्मचारी अप्रैल माह में नियुक्त होता है तो सरकार की नीति के अनुसार वह दो साल में नियमित होना चाहिए लेकिन 31 मार्च की शर्त की वजह से वह तीन साल बाद नियमित होता है। इसका अर्थ यह हुआ है कि सरकार की नीति दो साल की न होकर तीन साल की है। दो साल अनुबंध नीति के कारण कर्मचारी के लगेंगे और एक साल 31 मार्च की शर्त की वजह से नियमितीकरण के लिए उनको अधिक समय लगाना पड़ेगा। फिर कहीं जाकर वह नियमित हो पाएंगे। प्रवक्ता संघ ने अपनी मांग को सही ठहराते हुए कहा कि सरकार की नीतियां कर्मचारियों के पक्ष में होनी चाहिए न कि कर्मचारियों के उत्पीड़न करने के लिए। प्रवक्ता संघ ने मांग की है कि जैसे ही किसी कर्मचारी के दो साल पूर्ण होते हैं, वह उस तिथि से नियमित किया जाना चाहिए ताकि व्यर्थ मानसिक तनाव की स्थिति से न गुजरे और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बने।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ऊना के अध्यक्ष शशिपाल सैनी और महासचिव संजीव कुमार ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि अनुबंध कर्मचारी के नियमितीकरण में 31 मार्च की शर्त दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार बार-बार ऐसे आदेश कर रही है। इससे अनुबंध अवधि सेवा काल में नहीं जोड़ी जाएगी। अगर ऐसे ही फरमान जारी करने हैं तो विभाग को चाहिए कि जैसे ही दो साल पूरे होते हैं तो कर्मचारियों को नियमित कर देना चाहिए। यह भी एक सोच का विषय है। अगर कोई कर्मचारी अप्रैल माह में नियुक्त होता है तो सरकार की नीति के अनुसार वह दो साल में नियमित होना चाहिए लेकिन 31 मार्च की शर्त की वजह से वह तीन साल बाद नियमित होता है। इसका अर्थ यह हुआ है कि सरकार की नीति दो साल की न होकर तीन साल की है। दो साल अनुबंध नीति के कारण कर्मचारी के लगेंगे और एक साल 31 मार्च की शर्त की वजह से नियमितीकरण के लिए उनको अधिक समय लगाना पड़ेगा। फिर कहीं जाकर वह नियमित हो पाएंगे। प्रवक्ता संघ ने अपनी मांग को सही ठहराते हुए कहा कि सरकार की नीतियां कर्मचारियों के पक्ष में होनी चाहिए न कि कर्मचारियों के उत्पीड़न करने के लिए। प्रवक्ता संघ ने मांग की है कि जैसे ही किसी कर्मचारी के दो साल पूर्ण होते हैं, वह उस तिथि से नियमित किया जाना चाहिए ताकि व्यर्थ मानसिक तनाव की स्थिति से न गुजरे और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बने।