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Una News: बेरियां-चौकी मन्यार सड़क बनी खतरे की घंटी
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बेरियां से चौकी मन्यार को जाने वाली सड़क ।संवाद
बरठीं जैसे हादसे का सता रहा डर, लोक निर्माण विभाग नहीं दे रहा कोई ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
चकसराय (ऊना)। लोक निर्माण विभाग (जोल) के अधीन आने वाली बेरियां से चौकी मन्यार सड़क इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है। इस मार्ग पर एक ओर 30 से 40 फीट ऊंची पहाड़ी है और दूसरी ओर 10 फीट गहरा नाला। लगातार पहाड़ी से पानी रिसता रहता है, जिससे हर दिन मलबा सड़क पर गिरता है और आवागमन के लिए खतरा बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के कर्मचारी मलबा हटाने के लिए जेसीबी लेकर आते हैं, लेकिन इसे पहाड़ी के किनारे ही डालकर चले जाते हैं। कुछ ही दिनों में मलबा दोबारा सड़क पर आ जाता है और स्थिति पहले से भी अधिक खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोग हाल ही में बरठीं में हुए बस हादसे का जिक्र करते हुए कहते हैं कि इसी तरह की परिस्थिति इस सड़क पर भी कभी भी बन सकती है। इस मार्ग से हर दिन तीन से चार स्कूलों की बसें और हिमाचल पथ परिवहन की पांच से सात छोटी-बड़ी बसें गुजरती हैं, जिससे बच्चों के अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक सुदर्शन सिंह बबलू 8 अक्तूबर को पंचायत बेरियां में उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान इस सड़क मार्ग से नहीं आए। उन्होंने विभाग की ओर से सड़क सुधार के लिए स्वीकृत धनराशि की सराहना की, लेकिन साथ ही मलबे को तुरंत हटाने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
कोट्स
यह मामला विभाग के ध्यान में है। जल्द ही इस मार्ग की हालत सुधारने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। -भानू ओहरी, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
चकसराय (ऊना)। लोक निर्माण विभाग (जोल) के अधीन आने वाली बेरियां से चौकी मन्यार सड़क इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है। इस मार्ग पर एक ओर 30 से 40 फीट ऊंची पहाड़ी है और दूसरी ओर 10 फीट गहरा नाला। लगातार पहाड़ी से पानी रिसता रहता है, जिससे हर दिन मलबा सड़क पर गिरता है और आवागमन के लिए खतरा बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के कर्मचारी मलबा हटाने के लिए जेसीबी लेकर आते हैं, लेकिन इसे पहाड़ी के किनारे ही डालकर चले जाते हैं। कुछ ही दिनों में मलबा दोबारा सड़क पर आ जाता है और स्थिति पहले से भी अधिक खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोग हाल ही में बरठीं में हुए बस हादसे का जिक्र करते हुए कहते हैं कि इसी तरह की परिस्थिति इस सड़क पर भी कभी भी बन सकती है। इस मार्ग से हर दिन तीन से चार स्कूलों की बसें और हिमाचल पथ परिवहन की पांच से सात छोटी-बड़ी बसें गुजरती हैं, जिससे बच्चों के अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक सुदर्शन सिंह बबलू 8 अक्तूबर को पंचायत बेरियां में उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान इस सड़क मार्ग से नहीं आए। उन्होंने विभाग की ओर से सड़क सुधार के लिए स्वीकृत धनराशि की सराहना की, लेकिन साथ ही मलबे को तुरंत हटाने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
कोट्स
यह मामला विभाग के ध्यान में है। जल्द ही इस मार्ग की हालत सुधारने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। -भानू ओहरी, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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