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शिक्षक का मामला खारिज न हुआ तो उग्र आंदोलन

Sat, 21 Jan 2017 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 21 Jan 2017 10:55 PM IST
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teacher case reject
बैठक करते श‌िक्षक। - फोटो : अमर उजाला

शिक्षक के खिलाफ दर्ज किए गए केस को लेकर ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के बाद तमाम शिक्षक संघों ने भी संघर्ष का एलान कर दिया है। जिसके लिए बाकायदा संघर्ष समिति का गठन कर दिया गया है।

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शनिवार को रोटरी चौक स्थित एमसी पार्क में सभी शिक्षक संघों के जिलाध्यक्ष, महासचिव और अन्य शिक्षक नेताओं ने बैठक कर शिक्षक के खिलाफ दर्ज मामले की कड़े शब्दों में निंदा की और पुलिस प्रशासन पर मामले के संबंध में एकतरफा और अनुचित कार्रवाई करने का आरोप जड़ते हुए इस मामले को तुरंत खारिज करने की मांग की। वहीं उन्होंने चेताया है कि यदि उनकी मांग को अनदेखा किया गया तो शिक्षकों को सड़कों पर उतर कर संघर्ष करने को विवश होना पड़ेगा।
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शिक्षकों ने कहा है कि आज एक शिक्षक के खिलाफ ऐसा आरोप लगा है। आने वाले दिनों में अन्य शिक्षकों के खिलाफ भी ऐसे ही मनघड़ंत आरोप लगाकर केस दर्ज किए जाएंगे। ऐसे में शिक्षकों के लिए काम करना भी मुनासिब नहीं होगा। एमसी पार्क में प्रदेश स्कूल प्राध्यापक संघ, राजकीय अध्यापक संघ, हिमाचल प्रदेश पदोन्नत प्रवक्ता संघ, राजकीय अध्यापक संघ, प्रदेश शिक्षक महासंघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, विज्ञान अध्यापक संघ, सीएंडवी संघ, शारीरिक शिक्षक संघ, मुख्याध्यापक एवं प्रधानाचार्य निरीक्षण अधिकारी संघ समेत अन्य यूनियनों ने एक स्वर में कहा है कि शिक्षक के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया गया है।
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वहीं इसकी जांच भी एकपक्षीय है। इसमें न तो स्कूल की यौन शोषण प्रतिरोधक समिति को पूछा गया, न स्कूल प्रशासन, स्कूल में मौजूद शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन समिति आदि किसी से कोई बात नहीं की गई है। वहीं पुलिस ने कोर्ट में यह दलील दी है कि शिक्षक कि खिलाफ ग्रामीणों में भारी रोष है, इसलिए उसकी जमानत नहीं होनी चाहिए। जबकि ग्रामीणों और पंचायत तो 17 जनवरी को स्कूल परिसर के सामने शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज करने के विरोध कर चुके हैं। पुलिस द्वारा दी गई दलील में सच नहीं है। उन्होंने डीसी से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। जिसके लिए मामले को किसी उच्च स्तरीय जांच एजेंसी के सुपुर्द किया जाना चाहिए। शिक्षकों ने डीसी से मांग की है वह इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए पीड़ित शिक्षक को इंसाफ दिलाएं। 

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