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Una News: किसानों को बताए सिंचाई के सिद्धांत एवं जल प्रबंधन की विधि
Tue, 04 Nov 2025 06:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 04 Nov 2025 06:29 AM IST
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ऊना। हिमाचल प्रदेश फसल विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना (जायका) चरण-दो के तहत खंड परियोजना प्रबंधन इकाई ऊना द्वारा डठवाड़ा-बरेडा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. गुलशन मनकोटिया की अध्यक्षता में सिंचाई के सिद्धांत एवं जल प्रबंधन की उपयोगी विधियों के विषय पर चर्चा की गई।
डॉ. गुलशन मनकोटिया ने कार्यशाला में उपस्थित किसानों को जल उपयोग दक्षता बढ़ाने, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (ड्रिप एवं स्प्रिकलर), वर्षा जल संचयन तथा फसल अनुसार जल की आवश्यकता के वैज्ञानिक निर्धारण पर जानकारी दी। इस दौरान किसानों को किचन गार्डन (रसोई वाटिका) के महत्व के बारे में बताया गया तथा उन्हें जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कृषि विशेषज्ञ रशम सूद ने कहा कि जल प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादन में वृद्धि तथा भूजल संरक्षण दोनों संभव हैं। इसके साथ ही किसानों को रबी सीजन की सब्जियों के बीज भी वितरित किए गए तथा उनकी खेती की आधुनिक तकनीक और पोषण प्रबंधन के तरीके बताए गए।
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डॉ. गुलशन मनकोटिया ने कार्यशाला में उपस्थित किसानों को जल उपयोग दक्षता बढ़ाने, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (ड्रिप एवं स्प्रिकलर), वर्षा जल संचयन तथा फसल अनुसार जल की आवश्यकता के वैज्ञानिक निर्धारण पर जानकारी दी। इस दौरान किसानों को किचन गार्डन (रसोई वाटिका) के महत्व के बारे में बताया गया तथा उन्हें जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
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कृषि विशेषज्ञ रशम सूद ने कहा कि जल प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादन में वृद्धि तथा भूजल संरक्षण दोनों संभव हैं। इसके साथ ही किसानों को रबी सीजन की सब्जियों के बीज भी वितरित किए गए तथा उनकी खेती की आधुनिक तकनीक और पोषण प्रबंधन के तरीके बताए गए।
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