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दुग्ध कंपनियां रोजाना लगा रही टैक्स का चूना
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ऊना। जिले से पंजाब को रोजाना हजारों लीटर दूध की सप्लाई में कंपनियों द्वारा टैक्स चोरी की जा रही है। नियमानुसार जिला की मार्केटिंग समिति कंपनियों से एक फीसदी शुल्क वसूलती है, लेकिन ये कंपनियां एपीएमसी को चूना लगा कर दूध की आपूर्ति कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार जिला से रोजाना 15 हजार लीटर दूध की सप्लाई पंजाब को की जाती है। पंजाब की कंपनियों को अनधिकृत रूप से दूध की सप्लाई करने वाली सोसायटियों पर कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
एपीएमसी ऊना के अध्यक्ष बलबीर सिंह बग्गा ने कहा कि पंजाब की कंपनियां जिले से प्रतिदिन लगभग 15 हजार लीटर दूध की खरीद करती हैं लेकिन कंपनी इसकी फीस मार्केटिंग समिति को नहीं देती हैं। बग्गा ने कहा कि नियमों के अनुसार 1 प्रतिशत फीस एपीएमसी को दी जानी चाहिए, लेकिन पंजाब से जुड़ी दुग्ध कंपनियां नियमों की अवहेलना कर रही हैं। इस बारे में कंपनी को नोटिस भेज दिया गया है। अगर कंपनियां फीस नहीं चुकाती हैं तो उनकी गाड़ियां जब्त की जाएंगी।
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उन्होंने कहा कि जिला के दूध उत्पादकों को एपीएमसी किसी भी तरह की नुकसान नहीं होने देगी। साथ ही समिति को मिलने वाली फीस की चोरी को भी रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि लालसिंगी में मिल्कफेड के दुग्ध संयंत्र के साथ भी मार्केट फीस का मामला उठाया गया है। हालांकि मिल्कफेड फीस अदा कर रहा है। लेकिन धर्मशाला सप्लाई होने वाले दूध के ऊपर मिल्कफेड शुल्क नहीं दे रहा, जबकि शुल्क कुल खरीद पर बनता है।
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सूत्रों के अनुसार जिला से रोजाना 15 हजार लीटर दूध की सप्लाई पंजाब को की जाती है। पंजाब की कंपनियों को अनधिकृत रूप से दूध की सप्लाई करने वाली सोसायटियों पर कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
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एपीएमसी ऊना के अध्यक्ष बलबीर सिंह बग्गा ने कहा कि पंजाब की कंपनियां जिले से प्रतिदिन लगभग 15 हजार लीटर दूध की खरीद करती हैं लेकिन कंपनी इसकी फीस मार्केटिंग समिति को नहीं देती हैं। बग्गा ने कहा कि नियमों के अनुसार 1 प्रतिशत फीस एपीएमसी को दी जानी चाहिए, लेकिन पंजाब से जुड़ी दुग्ध कंपनियां नियमों की अवहेलना कर रही हैं। इस बारे में कंपनी को नोटिस भेज दिया गया है। अगर कंपनियां फीस नहीं चुकाती हैं तो उनकी गाड़ियां जब्त की जाएंगी।
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उन्होंने कहा कि जिला के दूध उत्पादकों को एपीएमसी किसी भी तरह की नुकसान नहीं होने देगी। साथ ही समिति को मिलने वाली फीस की चोरी को भी रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि लालसिंगी में मिल्कफेड के दुग्ध संयंत्र के साथ भी मार्केट फीस का मामला उठाया गया है। हालांकि मिल्कफेड फीस अदा कर रहा है। लेकिन धर्मशाला सप्लाई होने वाले दूध के ऊपर मिल्कफेड शुल्क नहीं दे रहा, जबकि शुल्क कुल खरीद पर बनता है।