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बरसात में जलजनित रोगों से बचाव के लिए बरतें सावधानी

Sat, 02 Jul 2022 09:12 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 09:12 PM IST
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Take precautions to prevent waterborne diseases in rainy season, Advisory issued
संवाद न्यूज एजेंसी
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ऊना। जिला स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित रोगों से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। बरसात के मौसम में कई प्रकार के जलजनित रोगों के फैलने की आशंका रहती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मंजू बहल ने बताया कि वर्तमान में स्क्रब टाइफस, डेंगू, मलेरिया और पीलिया जैसी बीमारियों से बचने के लिए एहतियात बरतना बेहद जरूरी है। बताया कि जिला ऊना में मलेरिया, डेंगू, स्क्रब टाइफस और पीलिया इत्यादि के इलाज के लिए सभी दवाइयां अथवा सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इसकी जांच उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति को उपरोक्त लक्षण हों तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में इलाज करवा सकते हैं।
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कोई भी बुखार हो सकता है मलेरिया
सीएमओ डॉ. मंजू बहल ने बताया कि मलेरिया मादा एनोफलिस मच्छर के काटने से होता है, जिससे मरीज को ठंड लगकर कंपकंपी के साथ 103 डिग्री या इससे अधिक बुखार आता है। यह मच्छर खड़े पानी में प्रजनन करता है। मलेरिया से बचाव और इलाज दोनों संभव है। कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। बताया कि खून की जांच करवाकर मलेरिया की सही पहचान होती है। डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है और साफ पानी में पनपता है। डेंगू में तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द तथा जोड़ों में दर्द सहित रक्तस्राव होता है।
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बरसात में बढ़ती है तेज बुखार के मरीजों की संख्या
डॉ. मंजू बहल बताया कि बरसात के मौसम में आमतौर पर तेज बुखार से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। यह बुखार स्क्रब टायफस हो सकता है। यह रोग खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों पर पनपने वाले संक्रमित पिस्सुओं के काटने से फैलता है। इसमें तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, शरीर में अकड़न तथा कई बार गर्दन, बाजुओं के नीचे अैर कूल्हों के ऊपर गिल्टियां हो जाती हैं।

दूषित पानी खाने से होता है पीलिया, हेपेटाइटिस ए
पीलिया, हेपेटाइटिस ए और ई दूषित पानी व दूषित खाने से होता है। यह लीवर से संबंधित बीमारी है। इसमें मरीज को हल्का बुखार, पेट दर्द, आंखों व त्वचा का रंग पीला होना, उल्टी व मितली का होना और थकावट महसूस होती है। इससे बचने के लिए हाथों को खाना बनाने से पहले, खाने से पहले और शौच जाने के बाद साबुन से अच्छी तरह धोएं।
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