{"_id":"68e6464ce252690e3100f9fe","slug":"supplementary-exam-irregularities-amount-to-fraud-with-hpu-abvp-una-news-c-93-1-ssml1048-168108-2025-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनुपूरक परीक्षा में गड़बड़ी एचपीयू के साथ धोखाधड़ी : एबीवीपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनुपूरक परीक्षा में गड़बड़ी एचपीयू के साथ धोखाधड़ी : एबीवीपी
विज्ञापन
बोले- इस गंभीर मामले की जांच को लेकर काॅलेज प्रबंधन गहरी नींद में
मामला उजागर होने के बाद भी कई दिन तक नहीं की गई जांच
एचपीयू की कमेटी से कराई जाए मामले की जांच : सूर्य
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय के राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना में जून 2025 को हुई एमए अंग्रेजी विषय की अनुपूरक (सप्लीमेंट्री परीक्षा) में गड़बड़ी का मामला गरमाता जा रहा है। बुधवार सुबह 11:30 बजे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से पत्रकार वार्ता कर महाविद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। साथ ही प्राचार्य के निलंबन की मांग की है। एबीवीपी के जिला इकाई मंत्री सूर्य शर्मा ने बताया कि 25 जून 2025 को सुबह नौ से 12 बजे तक एक छात्र ने एमए इंग्लिश की परीक्षा दी। उसी दिन विश्वविद्यालय को उत्तर पुस्तिकाएं (आंसर शीट्स) जारी की गईं। दो सितंबर को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने ऊना महाविद्यालय को बताया कि एक रोल नंबर की दो आंसरशीट प्राप्त हुई हैं। इसमें स्टांप और हस्ताक्षर अलग-अलग किए गए हैं। इसमें एक शीट रि अपीयर और एक पर रेगुलर लिखा गया है। सूर्य शर्मा ने कहा कि यह मामला एचपीयू के साथ सरासर धोखाधड़ी है। एचपीयू की ओर से मामले की जांच के लिए नोटिस जारी किया गया। 16 सितंबर को यह मामला एबीवीपी को पता चला। इसके बाद प्रबंधन ने आनन-फानन में परीक्षा केंद्र में तैनात कर्मियों को मेमो जारी किया। सूर्य शर्मा ने कहा कि शर्मनाक यह है कि इसके बाद आठ अक्तूबर तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और न पुलिस को जांच के लिए सौंपा गया। उन्होंने मांग उठाई कि 25 जून 2025 को हुई गड़बड़ी के मामले में प्रधानाचार्य को निलंबित किया जाए। पुलिस को मामला जांच के लिए सौंपा जाए। मामले की जांच के लिए एचपीयू की कमेटी गठित की जाए। कहा कि काॅलेज को राजनीति का अड्डा बनाया गया। एबीवीपी की चेतावनी है कि अगर कुछ दिनों में इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती तो एक उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
बीती 25 जून को एमए अंग्रेजी विषय की हुई अनुपूरक (सप्लीमेंट्री परीक्षा) में एचपीयू को एक ही विद्यार्थी की दो उत्तर पुस्तिकाएं (आंसर शीट्स) हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी को प्राप्त हुई है। दोनों शीट पर अलग शीर्षक और स्टाम्प है। यही नहीं दोनों शीट केंद्र अधीक्षक द्वारा हस्ताक्षरित पाई गई है। इस मामले में परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एचपीयू की ओर से ऊना महाविद्यालय प्रबंधन को जांच के आदेश दिए गए। कालेज प्रबंधन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कालेज के दो अधीक्षक, दो उप अधीक्षक, सहायक, बाबू के अलावा दफ्तरी को सूचनार्थ किया गया है।
-- -
बॉक्स
क्या कहना है प्राचार्य का
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मीता शर्मा ने कहा कि एचपीयू की ओर से दो सितंबर को जारी पत्र हमें आठ सितंबर को प्राप्त हुआ। इसमें पता चला कि एक रोल नंबर के दो केस प्राप्त हुए। एचपीयू की ओर से पूछा गया कि इनमें से कौन सा चेक करें। इसपर हमारी ओर से रेगुलर शीर्षक वाली शीट को चेक करने का उत्तर दिया है। मामला गंभीर है, इसकी जांच के लिए 16 सितंबर को कमेटी गठित कर जांच बिठाई। अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट के अनुसार जो भी दोषी होगा, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला उजागर होने के बाद भी कई दिन तक नहीं की गई जांच
एचपीयू की कमेटी से कराई जाए मामले की जांच : सूर्य
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय के राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना में जून 2025 को हुई एमए अंग्रेजी विषय की अनुपूरक (सप्लीमेंट्री परीक्षा) में गड़बड़ी का मामला गरमाता जा रहा है। बुधवार सुबह 11:30 बजे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से पत्रकार वार्ता कर महाविद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। साथ ही प्राचार्य के निलंबन की मांग की है। एबीवीपी के जिला इकाई मंत्री सूर्य शर्मा ने बताया कि 25 जून 2025 को सुबह नौ से 12 बजे तक एक छात्र ने एमए इंग्लिश की परीक्षा दी। उसी दिन विश्वविद्यालय को उत्तर पुस्तिकाएं (आंसर शीट्स) जारी की गईं। दो सितंबर को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने ऊना महाविद्यालय को बताया कि एक रोल नंबर की दो आंसरशीट प्राप्त हुई हैं। इसमें स्टांप और हस्ताक्षर अलग-अलग किए गए हैं। इसमें एक शीट रि अपीयर और एक पर रेगुलर लिखा गया है। सूर्य शर्मा ने कहा कि यह मामला एचपीयू के साथ सरासर धोखाधड़ी है। एचपीयू की ओर से मामले की जांच के लिए नोटिस जारी किया गया। 16 सितंबर को यह मामला एबीवीपी को पता चला। इसके बाद प्रबंधन ने आनन-फानन में परीक्षा केंद्र में तैनात कर्मियों को मेमो जारी किया। सूर्य शर्मा ने कहा कि शर्मनाक यह है कि इसके बाद आठ अक्तूबर तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और न पुलिस को जांच के लिए सौंपा गया। उन्होंने मांग उठाई कि 25 जून 2025 को हुई गड़बड़ी के मामले में प्रधानाचार्य को निलंबित किया जाए। पुलिस को मामला जांच के लिए सौंपा जाए। मामले की जांच के लिए एचपीयू की कमेटी गठित की जाए। कहा कि काॅलेज को राजनीति का अड्डा बनाया गया। एबीवीपी की चेतावनी है कि अगर कुछ दिनों में इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती तो एक उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
बीती 25 जून को एमए अंग्रेजी विषय की हुई अनुपूरक (सप्लीमेंट्री परीक्षा) में एचपीयू को एक ही विद्यार्थी की दो उत्तर पुस्तिकाएं (आंसर शीट्स) हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी को प्राप्त हुई है। दोनों शीट पर अलग शीर्षक और स्टाम्प है। यही नहीं दोनों शीट केंद्र अधीक्षक द्वारा हस्ताक्षरित पाई गई है। इस मामले में परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एचपीयू की ओर से ऊना महाविद्यालय प्रबंधन को जांच के आदेश दिए गए। कालेज प्रबंधन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कालेज के दो अधीक्षक, दो उप अधीक्षक, सहायक, बाबू के अलावा दफ्तरी को सूचनार्थ किया गया है।
विज्ञापन
बॉक्स
क्या कहना है प्राचार्य का
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मीता शर्मा ने कहा कि एचपीयू की ओर से दो सितंबर को जारी पत्र हमें आठ सितंबर को प्राप्त हुआ। इसमें पता चला कि एक रोल नंबर के दो केस प्राप्त हुए। एचपीयू की ओर से पूछा गया कि इनमें से कौन सा चेक करें। इसपर हमारी ओर से रेगुलर शीर्षक वाली शीट को चेक करने का उत्तर दिया है। मामला गंभीर है, इसकी जांच के लिए 16 सितंबर को कमेटी गठित कर जांच बिठाई। अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट के अनुसार जो भी दोषी होगा, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन