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मनमर्जी से तय न की जाएं गर्मी और सर्दी की छुट्टियां : अभिभावक
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बारिश के बीच परीक्षा देने के लिए पहुंचे विद्यार्थी
अभिभावकों ने पुराने नियमों के तहत छुट्टियां करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा क्षेत्र में शनिवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे से लगातार बारिश हुई। इसी बीच क्षेत्र के कुछ स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। मजबूरीवश विद्यार्थियों को बारिश में भी भीगते हुए स्कूल पहुंचना पड़ा, ताकि उनकी परीक्षा छूट न जाए। कई अभिभावक बच्चों को स्वयं स्कूल छोड़ने पहुंचे, जबकि कुछ बच्चे अकेले ही बारिश झेलते हुए परीक्षा केंद्र तक पहुंचे। अभिभावकों का कहना है कि सरकार व प्रशासन को चंद अध्यापक नेताओं की राय पर ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन छुट्टियों का निर्धारण नहीं करना चाहिए। उनका तर्क है कि हिमाचल प्रदेश में पहले से ही जुलाई-अगस्त के बरसाती महीनों में छुट्टियां दी जाती थीं। उस समय यह निर्णय बिल्कुल उचित था, क्योंकि बारिश के मौसम में बच्चों की सुरक्षा व सुविधा दोनों सुनिश्चित होती थीं। अभिभावकों का आरोप है कि अब मनमर्जी से गर्मी और सर्दी की छुट्टियां तय की जाती हैं, जोकि सरासर गलत है और विद्यार्थियों के हितों के खिलाफ है। अभिभावक सोनिया राणा, पूनम ठाकुर, अंजु बाला, रेखा देवी, प्रोमिला देवी, सुषमा देवी, राज कुमारी, सरोज कुमारी, रीना देवी, कमला देवी, आरती देवी, विजय रायजादा, संजीव रायजादा, राधेश्याम, हैप्पी सिंह, राकेश महाजन सहित अन्य ने सरकार व शिक्षा विभाग से मांग की है कि आगामी वर्षों में ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन छुट्टियों के स्थान पर जुलाई-अगस्त की बरसात में ही छुट्टियां निर्धारित की जाएं। उनका कहना है कि इससे न केवल छात्र-छात्राओं, बल्कि स्कूल स्टाफ की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
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अभिभावकों ने पुराने नियमों के तहत छुट्टियां करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा क्षेत्र में शनिवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे से लगातार बारिश हुई। इसी बीच क्षेत्र के कुछ स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। मजबूरीवश विद्यार्थियों को बारिश में भी भीगते हुए स्कूल पहुंचना पड़ा, ताकि उनकी परीक्षा छूट न जाए। कई अभिभावक बच्चों को स्वयं स्कूल छोड़ने पहुंचे, जबकि कुछ बच्चे अकेले ही बारिश झेलते हुए परीक्षा केंद्र तक पहुंचे। अभिभावकों का कहना है कि सरकार व प्रशासन को चंद अध्यापक नेताओं की राय पर ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन छुट्टियों का निर्धारण नहीं करना चाहिए। उनका तर्क है कि हिमाचल प्रदेश में पहले से ही जुलाई-अगस्त के बरसाती महीनों में छुट्टियां दी जाती थीं। उस समय यह निर्णय बिल्कुल उचित था, क्योंकि बारिश के मौसम में बच्चों की सुरक्षा व सुविधा दोनों सुनिश्चित होती थीं। अभिभावकों का आरोप है कि अब मनमर्जी से गर्मी और सर्दी की छुट्टियां तय की जाती हैं, जोकि सरासर गलत है और विद्यार्थियों के हितों के खिलाफ है। अभिभावक सोनिया राणा, पूनम ठाकुर, अंजु बाला, रेखा देवी, प्रोमिला देवी, सुषमा देवी, राज कुमारी, सरोज कुमारी, रीना देवी, कमला देवी, आरती देवी, विजय रायजादा, संजीव रायजादा, राधेश्याम, हैप्पी सिंह, राकेश महाजन सहित अन्य ने सरकार व शिक्षा विभाग से मांग की है कि आगामी वर्षों में ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन छुट्टियों के स्थान पर जुलाई-अगस्त की बरसात में ही छुट्टियां निर्धारित की जाएं। उनका कहना है कि इससे न केवल छात्र-छात्राओं, बल्कि स्कूल स्टाफ की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।