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Una News: जमीन में आई उपयुक्त नमी, आलू की बिजाई शुरू
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बारिश के कारण कुछ दिन के लिए अटकी थी बिजाई प्रक्रिया
मौसम साफ होने के बाद बेहद गीली जमीन सूखी
किसान वीरवार से बड़े स्तर पर बिजाई प्रक्रिया में जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला में वीरवार से आलू की चार माह वाली फसल की बिजाई बड़े स्तर पर शुरू हो गई है। किसान बीते कई दिन से बिजाई के लिए उपयुक्त समय का इंतजार कर रहे थे। अब जमीन में नमी की मात्रा उपयुक्त है। इसलिए किसान बिजाई में जुट गए हैं।
जानकारी के अनुसार ऊना के किसान इस बार करीब 2000 हेक्टेयर जमीन पर आलू की बिजाई कर रहे हैं। 25 दिसंबर के बाद से शुरु होने वाली आलू की बिजाई इस बार एक सप्ताह देरी से हुई है। बीते सप्ताह हुई बारिश के बाद जमीन में अच्छी खासी नमी आ गई। बारिश उस समय हुई, जब बिजाई के लिए किसानों ने खेतों की बुवाई कर दी। बारिश के बाद खेतों में अत्यधिक नमी हो गई। किसानों को बिजाई के अनुरूप नमी के लिए एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ा। इस बीच अब बिजाई शुरू हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक बिजाई शत प्रतिशत पूरी होने में 10 दिन का समय लग सकता है।
किसानों में विनोद कुमार, रविंद्र, प्रेम चंद, अश्वनी शर्मा, सुखविंद्र सिंह ने कहा कि बारिश के बाद हुई बिजाई से कई प्रकार के लाभ मिलते हैं। फसल अच्छे तरीके से उगती है और पौधे का विकास ठीक रहता है। उन्होंने कहा कि बारिश बिजाई के दिनों में हुई है। इससे कुछ दिन रुकना जरूर पड़ा लेकिन अच्छी पैदावार हो जाए तो कुछ दिन की देरी नहीं खलती।
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1300 रुपये प्रति क्विंटल तक मिला बीज
इस बार आलू के चार माह वाले बीज की कीमत 1300 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रही है। किसानों ने पंजाब के जालंधर व अन्य जिलों से बीज की खरीद की। इसके बाद बीज को अंकुर के हिसाब से काटकर सुखाया। कहा कि बारिश के चलते कई दिन इंतजार करना पड़ा। कुछ बीज सड़न से खराब भी हुआ, लेकिन अधिक नुकसान से बचाव रहा।
कोट्स
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग कुलभूषण धीमान ने बताया कि आलू की फसल सर्दी के मौसम में अच्छे तरीके से तैयार होती है। बारिश होने के बाद मौसम की स्थिति बिजाई के अनुकूल है। कहा कि अधिक नमी वाले खेतों में किसान अभी बिजाई से टलें। एक-दो दिन और इंतजार किया जा सकता है।
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मौसम साफ होने के बाद बेहद गीली जमीन सूखी
किसान वीरवार से बड़े स्तर पर बिजाई प्रक्रिया में जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला में वीरवार से आलू की चार माह वाली फसल की बिजाई बड़े स्तर पर शुरू हो गई है। किसान बीते कई दिन से बिजाई के लिए उपयुक्त समय का इंतजार कर रहे थे। अब जमीन में नमी की मात्रा उपयुक्त है। इसलिए किसान बिजाई में जुट गए हैं।
जानकारी के अनुसार ऊना के किसान इस बार करीब 2000 हेक्टेयर जमीन पर आलू की बिजाई कर रहे हैं। 25 दिसंबर के बाद से शुरु होने वाली आलू की बिजाई इस बार एक सप्ताह देरी से हुई है। बीते सप्ताह हुई बारिश के बाद जमीन में अच्छी खासी नमी आ गई। बारिश उस समय हुई, जब बिजाई के लिए किसानों ने खेतों की बुवाई कर दी। बारिश के बाद खेतों में अत्यधिक नमी हो गई। किसानों को बिजाई के अनुरूप नमी के लिए एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ा। इस बीच अब बिजाई शुरू हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक बिजाई शत प्रतिशत पूरी होने में 10 दिन का समय लग सकता है।
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किसानों में विनोद कुमार, रविंद्र, प्रेम चंद, अश्वनी शर्मा, सुखविंद्र सिंह ने कहा कि बारिश के बाद हुई बिजाई से कई प्रकार के लाभ मिलते हैं। फसल अच्छे तरीके से उगती है और पौधे का विकास ठीक रहता है। उन्होंने कहा कि बारिश बिजाई के दिनों में हुई है। इससे कुछ दिन रुकना जरूर पड़ा लेकिन अच्छी पैदावार हो जाए तो कुछ दिन की देरी नहीं खलती।
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1300 रुपये प्रति क्विंटल तक मिला बीज
इस बार आलू के चार माह वाले बीज की कीमत 1300 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रही है। किसानों ने पंजाब के जालंधर व अन्य जिलों से बीज की खरीद की। इसके बाद बीज को अंकुर के हिसाब से काटकर सुखाया। कहा कि बारिश के चलते कई दिन इंतजार करना पड़ा। कुछ बीज सड़न से खराब भी हुआ, लेकिन अधिक नुकसान से बचाव रहा।
कोट्स
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग कुलभूषण धीमान ने बताया कि आलू की फसल सर्दी के मौसम में अच्छे तरीके से तैयार होती है। बारिश होने के बाद मौसम की स्थिति बिजाई के अनुकूल है। कहा कि अधिक नमी वाले खेतों में किसान अभी बिजाई से टलें। एक-दो दिन और इंतजार किया जा सकता है।