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Una News: सड़कों पर घूम रहा लावारिस गोवंश बढ़ा रहा मुसीबत
Tue, 21 Jul 2026 07:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 21 Jul 2026 07:20 AM IST
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ऊना। जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य सड़कों पर घूम रहा लावारिस गोवंश राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। दिन और रात के समय सड़कों के बीचोंबीच बैठे या अचानक सामने आ जाने वाले लावारिस पशुओं के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थिति यह है कि हर वर्ष औसतन 50 से अधिक लोगों की जान सड़क हादसों में चली जाती है, जिनमें बड़ी संख्या ऐसे हादसों की होती है जिनका कारण लावारिस गोवंश बनता है। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठ पाए हैं।
जिले के ऊना-नंगल एनएच, ऊना-अंब एनएच, ऊना-गगरेट, ऊना-हरोली समेत राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों पर दिनभर लावारिस गोवंश का जमावड़ा देखा जा सकता है। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि अंधेरे में सड़क पर बैठे पशु दूर से दिखाई नहीं देते। तेज रफ्तार वाहनों के चालक अचानक सामने आए पशुओं को बचाने के प्रयास में वाहन से नियंत्रण खो बैठते हैं, जिससे गंभीर हादसे हो जाते हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है।
उपनिदेशक जिला पशुपालन विभाग वीरेंद्र सिंह पटियाल ने बताया कि लावारिस गोवंश की समस्या के हल को लेकर उनकी टीमें लगातार सक्रिय हैं। बाहरी क्षेत्रों से लोग गुपचुप तरीके से पशुओं को ऊना जिला में छोड़ रहे हैं। इसी कारण यह परेशानी लगातार बनी हुई है। इसके स्थायी समाधान के विकल्प पर कार्य जारी है।
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जिले के ऊना-नंगल एनएच, ऊना-अंब एनएच, ऊना-गगरेट, ऊना-हरोली समेत राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों पर दिनभर लावारिस गोवंश का जमावड़ा देखा जा सकता है। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि अंधेरे में सड़क पर बैठे पशु दूर से दिखाई नहीं देते। तेज रफ्तार वाहनों के चालक अचानक सामने आए पशुओं को बचाने के प्रयास में वाहन से नियंत्रण खो बैठते हैं, जिससे गंभीर हादसे हो जाते हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है।
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उपनिदेशक जिला पशुपालन विभाग वीरेंद्र सिंह पटियाल ने बताया कि लावारिस गोवंश की समस्या के हल को लेकर उनकी टीमें लगातार सक्रिय हैं। बाहरी क्षेत्रों से लोग गुपचुप तरीके से पशुओं को ऊना जिला में छोड़ रहे हैं। इसी कारण यह परेशानी लगातार बनी हुई है। इसके स्थायी समाधान के विकल्प पर कार्य जारी है।
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