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कृषि सब्सिडी बंद होने से छोटे किसानों की आजीविका पर संकट : संदीप

Wed, 02 Jul 2025 01:05 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jul 2025 01:05 AM IST
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Stopping agricultural subsidy is a threat to the livelihood of small farmers: Sandeep
सरकार से सब्सिडी मुहैया करवाने की उठाई मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
नंदपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में किसानों को कृषि यंत्र, बीज, उर्वरक और सिंचाई जैसी आवश्यक चीजों पर मिलने वाली सब्सिडी लंबे समय से नहीं मिल रही है। इससे किसानों में आक्रोश है। छोटे और सीमांत किसान सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जिनकी खेती पहले ही लागत के बोझ तले दबी हुई है। ब्लॉक विकास समिति अंब के उपाध्यक्ष संदीप ठाकुर ने किसानों की इस गंभीर स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सरकार की उदासीनता से किसान हताश हो चुके हैं। अभी तक उन्हें कोई सब्सिडी नहीं मिली है, जिससे खेती करना और भी मुश्किल हो गया है। किसान अब खेती छोड़ने तक की बात करने लगे हैं। महंगाई के इस दौर में बिना सरकारी सहयोग के खेती घाटे का सौदा बन चुकी है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में प्रदेश में खेती करने वाला हाथ ही नहीं बचेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि सब्सिडी तुरंत बहाल की जाए और लंबित लाभों को किसानों तक तुरंत पहुंचाया जाए। कुठयाड़ी गांव के किसान प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने कुछ महीने पहले कृषि यंत्र खरीदने के लिए आवेदन किया था लेकिन अभी तक सब्सिडी का कोई अता-पता नहीं है। नंदपुर गांव के युवा किसान अमनदीप सिंह ने कहा कि हम जैसे सीमांत किसानों के लिए सब्सिडी ही एकमात्र सहारा है। अगर यह नहीं मिलेगी तो खेती छोड़ने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचेगा।
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