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निजी स्कूलों के साथ सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं : एसोसिएशन
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थानाकलां(ऊना)। बंगाणा में जिला अध्यक्ष लखनपाल शर्मा की अध्यक्षता में निजी स्कूल एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें जिले के विभिन्न निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और शिक्षा विभाग की नीतियों को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निजी स्कूलों के छात्रों को लैपटॉप न देना, जबकि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को यह सुविधा देना निजी विद्यालयों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार को दर्शाता है। एसोसिएशन ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया। इसके अलावा बैठक में स्विफ्ट प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य करने पर भी आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि इससे निजी स्कूलों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव बढ़ रहा है और तकनीकी समस्याएं भी सामने आ रही हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
जिला अध्यक्ष लखनपाल शर्मा ने कहा कि निजी स्कूल भी शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के महत्वपूर्ण भागीदार हैं और लाखों छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसके बावजूद निजी विद्यालय बार-बार उपेक्षा और असमानता का सामना कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि बोर्ड परीक्षाओं में मेरिट हासिल करने वाले निजी स्कूलों के छात्रों को भी लैपटॉप दिए जाएं, निजी और सरकारी स्कूलों के बीच समान नीति लागू की जाए। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि निजी स्कूलों की मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो एसोसिएशन सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। बैठक में वीरेंद्र ठाकुर, नरेश कुमार, प्रदीप वर्धन, सीमा शर्मा समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निजी स्कूलों के छात्रों को लैपटॉप न देना, जबकि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को यह सुविधा देना निजी विद्यालयों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार को दर्शाता है। एसोसिएशन ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया। इसके अलावा बैठक में स्विफ्ट प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य करने पर भी आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि इससे निजी स्कूलों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव बढ़ रहा है और तकनीकी समस्याएं भी सामने आ रही हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
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जिला अध्यक्ष लखनपाल शर्मा ने कहा कि निजी स्कूल भी शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के महत्वपूर्ण भागीदार हैं और लाखों छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसके बावजूद निजी विद्यालय बार-बार उपेक्षा और असमानता का सामना कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि बोर्ड परीक्षाओं में मेरिट हासिल करने वाले निजी स्कूलों के छात्रों को भी लैपटॉप दिए जाएं, निजी और सरकारी स्कूलों के बीच समान नीति लागू की जाए। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि निजी स्कूलों की मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो एसोसिएशन सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। बैठक में वीरेंद्र ठाकुर, नरेश कुमार, प्रदीप वर्धन, सीमा शर्मा समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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