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Una News: जिले में अभी तक 803 हेक्टेयर जंगल जले, 60 मामले हुए दर्ज
Tue, 04 Jun 2024 04:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 04 Jun 2024 04:18 AM IST
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30 जून तक चलेगा फायर सीजन, वन विभाग को 7.30 लाख रुपये का हुआ नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में फायर सीजन के दौरान 803 हेक्टेयर जंगल आग से जलकर राख हो चुके हैं। जंगलों में आग लगने का सिलसिला अभी भी जारी है। वन विभाग की तरफ से जंगलों को आग से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद इसके जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
ऐसे में वन संपदा व वन्य प्राणियों को काफी नुकसान पहुंचा है। साथ ही आग लगने की घटनाओं से पर्यावरण पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। जंगलों में आग लगने के कारण करीब 7.30 लाख रुपये की वन संपदा आग की भेंट चढ़ गई है। जिले में 15 अप्रैल से 30 जून तक फायर सीजन घोषित किया गया है। जिले में इस बार प्रचंड गर्मी के साथ जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैंं। जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए सभी स्थानों पर वन विभाग की टीमें मुस्तैद हैं। वनों में लग रही आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
जिले में वन करीब 21 हजार हेक्टेयर भूमि पर फैले हुए हैं। इसके अलावा जिला ऊना के पांचों रेंज में पांच फायर फाइटिंग टीमें गठित की हैं। प्रत्येक टीम में पांच से छह कर्मचारी तैनात किए गए हैं। आग से निपटने के लिए विभाग द्वारा पांचों रेंज में फायर फाइटिंग टीमों को एक-एक गाड़ी भी उपलब्ध करवाई गई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में पड़ रही भीषण गर्मी में वनों में आग लगने और उसके तेजी से फैलने की आशंका सबसे अधिक रहती है। ऐसे में वन विभाग लोगों से सतर्क रहने व आग लगने की सूचना वन विभाग को जल्द देने की अपील भी कर रहा है। विभाग ने फील्ड में तैनात किए 66 फायर वॉचर को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। जिले में अभी फायर सीजन 30 जून तक चलेगा। इस फायर सीजन के दौरान 60 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, इसमें 7.30 लाख रुपये की वन संपदा जलकर राख हो चुकी है।
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कोट्स
इस फायर सीजन के दौरान जिले में अभी तक 60 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें 7.30 लाख रुपये की वन संपदा आग की भेंट चढ़ गई है। विभाग जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए दिन-रात डटा हुआ है।
सुशील राणा, डीएफओ, ऊना
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में फायर सीजन के दौरान 803 हेक्टेयर जंगल आग से जलकर राख हो चुके हैं। जंगलों में आग लगने का सिलसिला अभी भी जारी है। वन विभाग की तरफ से जंगलों को आग से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद इसके जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
ऐसे में वन संपदा व वन्य प्राणियों को काफी नुकसान पहुंचा है। साथ ही आग लगने की घटनाओं से पर्यावरण पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। जंगलों में आग लगने के कारण करीब 7.30 लाख रुपये की वन संपदा आग की भेंट चढ़ गई है। जिले में 15 अप्रैल से 30 जून तक फायर सीजन घोषित किया गया है। जिले में इस बार प्रचंड गर्मी के साथ जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैंं। जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए सभी स्थानों पर वन विभाग की टीमें मुस्तैद हैं। वनों में लग रही आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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जिले में वन करीब 21 हजार हेक्टेयर भूमि पर फैले हुए हैं। इसके अलावा जिला ऊना के पांचों रेंज में पांच फायर फाइटिंग टीमें गठित की हैं। प्रत्येक टीम में पांच से छह कर्मचारी तैनात किए गए हैं। आग से निपटने के लिए विभाग द्वारा पांचों रेंज में फायर फाइटिंग टीमों को एक-एक गाड़ी भी उपलब्ध करवाई गई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में पड़ रही भीषण गर्मी में वनों में आग लगने और उसके तेजी से फैलने की आशंका सबसे अधिक रहती है। ऐसे में वन विभाग लोगों से सतर्क रहने व आग लगने की सूचना वन विभाग को जल्द देने की अपील भी कर रहा है। विभाग ने फील्ड में तैनात किए 66 फायर वॉचर को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। जिले में अभी फायर सीजन 30 जून तक चलेगा। इस फायर सीजन के दौरान 60 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, इसमें 7.30 लाख रुपये की वन संपदा जलकर राख हो चुकी है।
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इस फायर सीजन के दौरान जिले में अभी तक 60 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें 7.30 लाख रुपये की वन संपदा आग की भेंट चढ़ गई है। विभाग जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए दिन-रात डटा हुआ है।
सुशील राणा, डीएफओ, ऊना