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Una News: पंडोगा स्कूल में न खिड़कियां, न दरवाजे
Tue, 27 May 2025 06:00 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 27 May 2025 06:00 AM IST
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पंडोगा गांव के संपर्क मार्ग से सटा पंडोगा स्कूल का भवन। जिसकी नई इमारत में अभी तक खिड़कियां तक
- फोटो : mathura
संवाद न्यूज एजेंसी हरोली (ऊना)। जिला के बड़े स्कूलों में शुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंडोगा में बीते कुछ सालों से अव्यवस्था का आलम है। यहां विद्यार्थियों को कभी बरामदे, कभी खेल मैदान और कभी स्कूल के मंच पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है।
इस बीच स्कूल के पुराने कमरों को तोड़कर करीब छह कमरों का निर्माण बीते शैक्षणिक सत्र में हुआ। इससे उम्मीद जगी कि स्कूल में स्थिति सुधरेगी लेकिन नए सत्र की कक्षाएं शुरू हुईं तो गर्मी के मौसम में स्थिति और बिगड़ गई।
वर्तमान में कुछ कक्षाएं नए भवन में तो चल रही हैं लेकिन नए भवन में न तो खिड़कियां लगी हैं और न दरवाजे। ऊपर के विद्यार्थियों के लिए पंखा तक नहीं है। यह स्थिति ऐसे मौसम में है, जब अधिकतम पारा 40 डिग्री को पार कर रहा है।
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इससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि नए भवन की खिड़कियां गांव के लिंक रोड से लगती है। खाली पीरियड के दौरान कक्षाओं में बच्चों की निगरानी करने वाला कोई नहीं। कब बच्चा खिड़की से कूदकर बाहर आ जाए या कोई बाहरी अंदर घुस जाए, देखने वाला कोई नहीं। बच्चों को पढ़ाई के लिए ऊना-गगरेट सड़क मार्ग को पार कर खेल मैदान में तैयार कमरों की ओर जाना पड़ता है। सवाल यह है कि अभी तक नए भवन का निर्माण पूरा क्यों नहीं किया गया जबकि निर्माण कार्य बीते शैक्षणिक सत्र में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
ध्यान रहे कि रावमापा पंडोगा में विद्यार्थियों की 300 रह चुकी है, जो पहले 500 हुआ करती थी।
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इस बीच स्कूल के पुराने कमरों को तोड़कर करीब छह कमरों का निर्माण बीते शैक्षणिक सत्र में हुआ। इससे उम्मीद जगी कि स्कूल में स्थिति सुधरेगी लेकिन नए सत्र की कक्षाएं शुरू हुईं तो गर्मी के मौसम में स्थिति और बिगड़ गई।
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वर्तमान में कुछ कक्षाएं नए भवन में तो चल रही हैं लेकिन नए भवन में न तो खिड़कियां लगी हैं और न दरवाजे। ऊपर के विद्यार्थियों के लिए पंखा तक नहीं है। यह स्थिति ऐसे मौसम में है, जब अधिकतम पारा 40 डिग्री को पार कर रहा है।
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इससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि नए भवन की खिड़कियां गांव के लिंक रोड से लगती है। खाली पीरियड के दौरान कक्षाओं में बच्चों की निगरानी करने वाला कोई नहीं। कब बच्चा खिड़की से कूदकर बाहर आ जाए या कोई बाहरी अंदर घुस जाए, देखने वाला कोई नहीं। बच्चों को पढ़ाई के लिए ऊना-गगरेट सड़क मार्ग को पार कर खेल मैदान में तैयार कमरों की ओर जाना पड़ता है। सवाल यह है कि अभी तक नए भवन का निर्माण पूरा क्यों नहीं किया गया जबकि निर्माण कार्य बीते शैक्षणिक सत्र में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
ध्यान रहे कि रावमापा पंडोगा में विद्यार्थियों की 300 रह चुकी है, जो पहले 500 हुआ करती थी।