{"_id":"6ad4aa77ebec1e05d10cd438","slug":"shortage-of-subject-experts-in-schools-parents-concerned-ahead-of-board-exams-una-news-c-93-1-una1026-210291-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: स्कूलों में विषय विशेषज्ञों का टोटा, बोर्ड परीक्षाओं से पहले अभिभावक चिंतित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: स्कूलों में विषय विशेषज्ञों का टोटा, बोर्ड परीक्षाओं से पहले अभिभावक चिंतित
Mon, 19 Oct 2026 04:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 19 Oct 2026 04:45 AM IST
विज्ञापन
बसाल समेत चार स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली, पढ़ाई हो रही प्रभावित
बोले-10 दिन में नियुक्ति नहीं हुई तो निजी स्कूलों में दाखिला करवाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसाल में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र और हिंदी के प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त हैं। बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आने के साथ ही विद्यार्थियों की तैयारी को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। बसाल के अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धमांदरी, टक्का और चलोला में भी शिक्षकों के पद खाली हैं। स्कूल प्रबंधन कमेटी (एसएमसी) और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है।
एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों ममता देवी, रचना देवी, हरपाल, महेश, प्रिया शर्मा और फकीरचंद ने कहा कि शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम पर भी असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि 10 दिन में रिक्त पद नहीं भरे गए तो वे बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिल करवाने के लिए मजबूर होंगे।
एसएमसी प्रधान ममता रानी ने कहा कि बसाल स्कूल में प्रवक्ताओं की कमी के साथ तीन अन्य स्कूलों का अतिरिक्त जिम्मा भी है। आज अभिभावक बच्चों की पढ़ाई को लेकर गंभीर हैं। ऐसे में सरकार को शिक्षकों के रिक्त पद प्राथमिकता के आधार पर भरने चाहिए।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य प्रदीप सिंह ने बताया कि कला संकाय के विषय कला स्नातक पढ़ा रहे हैं, जबकि विज्ञान विषयों की पढ़ाई वह स्वयं करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विषय विशेषज्ञों के पढ़ाने से विद्यार्थियों को अधिक लाभ मिलता है। रिक्त पदों का मामला शिक्षा विभाग के संज्ञान में है।
शिक्षकों के रिक्त पद भरने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने जल्द समस्या का समाधान होने की संभावना जताई। -अनिल कुमार तक्खी, उप शिक्षा निदेशक माध्यमिक ऊना
विज्ञापन
बोले-10 दिन में नियुक्ति नहीं हुई तो निजी स्कूलों में दाखिला करवाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसाल में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र और हिंदी के प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त हैं। बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आने के साथ ही विद्यार्थियों की तैयारी को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। बसाल के अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धमांदरी, टक्का और चलोला में भी शिक्षकों के पद खाली हैं। स्कूल प्रबंधन कमेटी (एसएमसी) और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है।
एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों ममता देवी, रचना देवी, हरपाल, महेश, प्रिया शर्मा और फकीरचंद ने कहा कि शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम पर भी असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने चेतावनी दी कि 10 दिन में रिक्त पद नहीं भरे गए तो वे बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिल करवाने के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन
एसएमसी प्रधान ममता रानी ने कहा कि बसाल स्कूल में प्रवक्ताओं की कमी के साथ तीन अन्य स्कूलों का अतिरिक्त जिम्मा भी है। आज अभिभावक बच्चों की पढ़ाई को लेकर गंभीर हैं। ऐसे में सरकार को शिक्षकों के रिक्त पद प्राथमिकता के आधार पर भरने चाहिए।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य प्रदीप सिंह ने बताया कि कला संकाय के विषय कला स्नातक पढ़ा रहे हैं, जबकि विज्ञान विषयों की पढ़ाई वह स्वयं करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विषय विशेषज्ञों के पढ़ाने से विद्यार्थियों को अधिक लाभ मिलता है। रिक्त पदों का मामला शिक्षा विभाग के संज्ञान में है।
शिक्षकों के रिक्त पद भरने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने जल्द समस्या का समाधान होने की संभावना जताई। -अनिल कुमार तक्खी, उप शिक्षा निदेशक माध्यमिक ऊना