फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Seven pickup vehicles loaded with illegal wood caught in Amb and Chintpurni

Una News: सीआईडी और वन विभाग की टीम ने अवैध लकड़ी से लदी 15 पिकअप गाड़ियां कीं जब्त

Fri, 29 Nov 2024 12:05 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2024 12:05 AM IST
विज्ञापन
Seven pickup vehicles loaded with illegal wood caught in Amb and Chintpurni
गगरेट में वन माफिया पर कार्रवाई करते अ​धिकारी। विभाग
गगरेट, अंब और चिंतपूर्णी में नाकेबंदी के दौरान दिया कार्रवाई को अंजाम
विज्ञापन

गगरेट-होशियारपुर मार्ग से होकर पंजाब में बेचने के लिए ले जाने की तैयारी में थे

संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना/घनारी। राज्य सीआईडी और वन विभाग की टीम ने गगरेट, अंब और चिंतपूर्णी में नाकाबंदी कर अवैध लकड़ी से भरीं 15 पिकअप गाड़ियां पकड़ी हैं। टीम ने चालकों के पास लकड़ी से संबंधित परमिट और दस्तावेज न होने पर सभी गाड़ियों को जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक राज्य सीआईडी की टीम ने बुधवार देर रात गगरेट में नाकेबंदी कर 8 पिकअप गाड़ियों को पकड़ा है। ये सभी चालक हिमाचल से लकड़ी की तस्करी करके पड़ोसी राज्य पंजाब में ले जाकर बेचते हैं। हिमाचल में कुछ किस्म के पेड़ों को काटने की इजाजत दे रखी है। लेकिन उनके लिए विभाग की ओर से ही परमिट जारी किया जाता है। इस मामले में पकड़ी गई गाड़ियों के चालक लकड़ी के परमिट नहीं दिखा पाए। सीआईडी के पास सूचना थी कि बड़ी संख्या में गाड़ियां हिमाचल से पंजाब रोजाना जा रही हैं। इस कार्रवाई से सारा माफिया चौकस हो गया और अपनी गाड़ियों को इधर-उधर खड़ा कर दिया। इन आठ गाड़ियों में से तीन गाड़ियों को माफिया ने सड़क से हटकर एक गली में लगा दिया था, उन्हें भी सीआईडी टीम ने खोज निकाला और पकड़ लिया। पुलिस उपाधीक्षक सुरेंद्र शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि स्टेट सीआईडी टीम ने आठ अवैध लकड़ी की गाड़ियों को पकड़कर गगरेट पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। गगरेट पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है। सीआईडी की टीम ने चालक विजय सिंह (उम्र 39), निवासी बरेहड़ा, चालक विक्रम चंद (उम्र 32) निवासी बड़ूही, चालक गुरनाम सिंह (उम्र 28) निवासी अंदोरा, चालक संजय सिंह (उम्र 24) निवासी अंबोटा, चालक रवि पाल (उम्र 28) निवासी अंबोटा, चालक नुसरत अली (उम्र 23) निवासी अंबोटा, चालक दिनेश कुमार (उम्र 36) निवासी धुसाडा और चालक शिवम (उम्र 19) निवासी स्थोतर को पकड़ा है।
वहीं, अंब और चिंतपूर्णी में वन विभाग ने बिना परमिट व दस्तावेज के अवैध रूप से लदी लकड़ी की सात पिकअप ट्राला गाड़ियों को पकड़ा है। यह कार्रवाई वन विभाग ने वीरवार सुबह और बुधवार शाम को अमल में लाई है। इन गाड़ियों में वन विभाग ने करीब 14 से 15 टन लकड़ी को गाड़ियों सहित कब्जे में लिया है। सभी गाड़ियां में भरी लकड़ी प्रदेश के दूसरे जिलों से लाई जा रही थी, जो गगरेट-होशियारपुर मार्ग से होकर पंजाब में बेचने के लिए लेकर जा रही थीं। वन विभाग ने वन क्षेत्र अंब के तहत 2 और चिंतपूर्णी के तहत 5 गाड़ियों को नाकाबंदी के दौरान पकड़ा है। वन विभाग के अनुसार जब इन गाड़ियों के चालकों से लकड़ी संबंधी दस्तावेज मांगें गए तो उनके पास न कोई परमिट पाया गया और न ही कोई दस्तावेज मौजूद था। इन गाड़ियों को पकड़ने के लिए वन विभाग की दो से तीन सदस्यीय 4 टीमों ने नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई की है। चिंतपूर्णी के तहत सिद्ध चलेड़ में पकड़ी गई 5 गाड़ियों के चालकों की पहचान रजत चौधरी निवासी समाली बनखंडी जिला कांगड़ा, अनूप कुमार निवासी रजल तहसील व जिला कांगड़ा, सुरजीत कुमार निवासी ज्वालामुखी जिला कांगड़ा, गोपाल सिंह निवासी सरोही चौतड़ा जोगिंद्रनगर जिला मंडी, अनीश कुमार निवासी ज्वालामुखी जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। इसके अलावा अंब के तहत नैहरियां रोड अंब में पकड़ी दो गाड़ियों के चालकों की पहचान बलवंत सिंह निवासी काटो तहसील ज्वालामुखी जिला कांगड़ा और विक्रांत निवासी रेंट डावला जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। विभाग की टीम ने बुधवार देर शाम अंब के नैहरियां में नाका लगा रखा था। इसी दौरान कांगड़ा से आ रहे दो ट्रकों को जांच पड़ताल से रोका गया तो गाड़ियों में मौजूद बलवंत सिंह निवासी ज्वालाजी व विक्रांत कांगड़ा के पास कोई परमिट व अन्य जरूरी दस्तावेज नहीं मिले। विभाग की टीम ने त्वरित कारवाई करते हुए दोनों गाड़ियों को अपने कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। वन विभाग अंब के रेंजर अभिनाश ने बताया कि नाके के दौरान अवैध रूप से ले जा रही लकड़ी के दो पिकअप गाड़ियों को अपने कब्जे में ले लिया है।
विज्ञापन




मालिकों को परमिट और दस्तावेज के साथ पेश होने के निर्देश

डीएफओ सुशील राणा ने बताया कि विभाग ने पिकअप गाड़ियों में भरी लकड़ी के मालिकों को परमिट व दस्तावेज लेकर कार्यालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं। जिस लकड़ी का परमिट व दस्तावेज वन विभाग को नहीं मिलता है तो विभाग अपने स्तर पर जांच करेगा कि लड़की सरकारी जंगल से काटी गई है या किसी निजी भूमि से। इसके लिए लकड़ी कटान वाले क्षेत्र में विभाग की टीमें मौके पर जाकर जांच-पड़ताल करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed