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Una News: निजी कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण अनिवार्य, 50,000 रुपये शुल्क निर्धारित
Tue, 13 Oct 2026 12:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:46 AM IST
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ऊना। जिला ऊना में संचालित सभी पात्र निजी कोचिंग सेंटरों को निर्धारित नियमों के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। इसके लिए 50 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। पंजीकरण प्रमाणपत्र तीन वर्ष के लिए वैध रहेगा, जबकि नवीनीकरण के लिए 25 हजार रुपये जमा करवाने होंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) इशांत जसवाल ने कोचिंग सेंटर संचालकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और फीस में पारदर्शिता सहित सभी निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में पंजीकरण और नियमों के अनुपालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। सभी पात्र कोचिंग सेंटरों को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर उपनिदेशक, उच्च शिक्षा, ऊना के कार्यालय में जमा करवाना होगा। आवेदन पत्र संबंधित वेबसाइट पर उपलब्ध है। जिला स्तरीय कमेटी आवेदनों की जांच करेगी और मानदंड पूरे करने वाले सेंटरों को तीन साल के लिए पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। कमियां पाए जाने पर उन्हें दूर करने के लिए अधिकतम तीन माह का समय दिया जा सकेगा।
विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं देना अनिवार्य
एडीसी ने कहा कि कोचिंग सेंटरों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पर्याप्त कक्षाएं, उचित प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अग्नि सुरक्षा जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। शिक्षण व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े नियमों का पालन भी करना होगा। संचालकों को विद्यार्थियों के प्रवेश, फीस और उपस्थिति का अद्यतन रिकॉर्ड रखना होगा। ट्यूशन फीस व अन्य शुल्कों में पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य होगा। पंजीकृत सेंटर अपने स्थान में बदलाव करने से पहले संबंधित प्राधिकारी से अनुमति लेंगे।
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नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
पंजीकृत कोचिंग सेंटरों की समय-समय पर जांच और निगरानी की जाएगी। शिकायत मिलने पर उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने के साथ गंभीर मामलों में पंजीकरण रद्द भी किया जा सकता है। पंजीकरण संबंधी निर्णय से असंतुष्ट संचालक सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकेंगे।
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अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) इशांत जसवाल ने कोचिंग सेंटर संचालकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और फीस में पारदर्शिता सहित सभी निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में पंजीकरण और नियमों के अनुपालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। सभी पात्र कोचिंग सेंटरों को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर उपनिदेशक, उच्च शिक्षा, ऊना के कार्यालय में जमा करवाना होगा। आवेदन पत्र संबंधित वेबसाइट पर उपलब्ध है। जिला स्तरीय कमेटी आवेदनों की जांच करेगी और मानदंड पूरे करने वाले सेंटरों को तीन साल के लिए पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। कमियां पाए जाने पर उन्हें दूर करने के लिए अधिकतम तीन माह का समय दिया जा सकेगा।
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विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं देना अनिवार्य
एडीसी ने कहा कि कोचिंग सेंटरों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पर्याप्त कक्षाएं, उचित प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अग्नि सुरक्षा जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। शिक्षण व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े नियमों का पालन भी करना होगा। संचालकों को विद्यार्थियों के प्रवेश, फीस और उपस्थिति का अद्यतन रिकॉर्ड रखना होगा। ट्यूशन फीस व अन्य शुल्कों में पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य होगा। पंजीकृत सेंटर अपने स्थान में बदलाव करने से पहले संबंधित प्राधिकारी से अनुमति लेंगे।
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नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
पंजीकृत कोचिंग सेंटरों की समय-समय पर जांच और निगरानी की जाएगी। शिकायत मिलने पर उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने के साथ गंभीर मामलों में पंजीकरण रद्द भी किया जा सकता है। पंजीकरण संबंधी निर्णय से असंतुष्ट संचालक सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकेंगे।