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Una News: पंजाब, हिमाचल के सरहदी टोल नाकों पर लूट से मिले छूट
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ऊना मैहतपुर में पंजाब हिमाचल सीमा पर टोल पर्ची को लेकर प्रदर्शन करते हुए लोग।संवाद
नंगल इलाका बचाओ संघर्ष मोर्चा ने मैहतपुर में किया प्रदर्शन
पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पंजाब, हिमाचल के लोगों पर न लगे टोल टैक्स
दो सप्ताह की दी मोहलत, मांग नहीं मानी तो तेज होगा संघर्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स के नाम पर पंजाब और हिमाचल के सरहदी टोल नाकों पर हो रही वसूली के खिलाफ वीरवार को इलाका बचाओ संघर्ष मोर्चा ने नंगल में धरना-प्रदर्शन किया। संघर्ष मोर्चा से जुड़े लोगों ने कहा कि नंगल और हिमाचल की सीमा से सटे गांवों के लोगों को भी टोल नाकों पर टैक्स देना पड़ता है, क्योंकि उनकी गाड़ियां हिमाचल नंबर की न होकर अन्य राज्यों में रजिस्टर्ड हैं। यही नहीं पंजाब के नंगल व आसपास के लोग जब रिश्तेदारियों या अन्य काम से ऊना, मैहतपुर और नजदीकी गांवों में जाते हैं तो उन्हें भी टोल वसूली का सामना करना पड़ता है। मोर्चा का कहना था कि अगर हर राज्य इसी तरह अपने-अपने क्षेत्र में टोल लगाकर वसूली शुरू कर दे तो आम लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाएंगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-503 केंद्र सरकार के अधीन आता है, बावजूद इसके मैहतपुर टोल नाका बिना केंद्र की अनुमति के लगाया गया है। सूत्रों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में इस समय कुल 55 टोल नाके हैं, जिनमें से पांच ऊना जिले की सीमाओं पर स्थापित हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है, लेकिन यहां हिमाचल नंबर की गाड़ियों को छूट देकर अन्य राज्यों के वाहनों से टैक्स वसूला जा रहा है। यह सीमा से लगे क्षेत्रों के निवासियों के साथ सरासर अन्याय है। धरने में हरजीत सिंह, सुभाष चंद्र, राकेश कुमार, रमन शर्मा, देवेंद्र कुमार, अवतार सिंह सहित नंगल काउंसिल के कई पार्षद भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार से मांग की है कि दो सप्ताह के भीतर पंजाब व हिमाचल सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को टोल वसूली से राहत दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पंजाब, हिमाचल के लोगों पर न लगे टोल टैक्स
दो सप्ताह की दी मोहलत, मांग नहीं मानी तो तेज होगा संघर्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स के नाम पर पंजाब और हिमाचल के सरहदी टोल नाकों पर हो रही वसूली के खिलाफ वीरवार को इलाका बचाओ संघर्ष मोर्चा ने नंगल में धरना-प्रदर्शन किया। संघर्ष मोर्चा से जुड़े लोगों ने कहा कि नंगल और हिमाचल की सीमा से सटे गांवों के लोगों को भी टोल नाकों पर टैक्स देना पड़ता है, क्योंकि उनकी गाड़ियां हिमाचल नंबर की न होकर अन्य राज्यों में रजिस्टर्ड हैं। यही नहीं पंजाब के नंगल व आसपास के लोग जब रिश्तेदारियों या अन्य काम से ऊना, मैहतपुर और नजदीकी गांवों में जाते हैं तो उन्हें भी टोल वसूली का सामना करना पड़ता है। मोर्चा का कहना था कि अगर हर राज्य इसी तरह अपने-अपने क्षेत्र में टोल लगाकर वसूली शुरू कर दे तो आम लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाएंगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-503 केंद्र सरकार के अधीन आता है, बावजूद इसके मैहतपुर टोल नाका बिना केंद्र की अनुमति के लगाया गया है। सूत्रों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में इस समय कुल 55 टोल नाके हैं, जिनमें से पांच ऊना जिले की सीमाओं पर स्थापित हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है, लेकिन यहां हिमाचल नंबर की गाड़ियों को छूट देकर अन्य राज्यों के वाहनों से टैक्स वसूला जा रहा है। यह सीमा से लगे क्षेत्रों के निवासियों के साथ सरासर अन्याय है। धरने में हरजीत सिंह, सुभाष चंद्र, राकेश कुमार, रमन शर्मा, देवेंद्र कुमार, अवतार सिंह सहित नंगल काउंसिल के कई पार्षद भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार से मांग की है कि दो सप्ताह के भीतर पंजाब व हिमाचल सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को टोल वसूली से राहत दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।