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Una News: बंगाणा में सार्वजनिक शौचालय बदहाल, न बिजली न सफाई की व्यवस्था
Tue, 10 Mar 2026 06:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 10 Mar 2026 06:55 AM IST
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बंगाणा में लाखों की लागत से बना सार्वजनिक शौचालय ।संवाद
थानाकलां (ऊना)। स्वच्छता और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बंगाणा में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय की स्थिति बदहाल बनी हुई है। शौचालय के कमरों को स्टोर रूम बना डाला है। करीब आठ लाख रुपये की लागत से निर्मित इस शौचालय में आज तक न तो बिजली की समुचित व्यवस्था है और न ही नियमित रूप से सफाई के लिए कोई कर्मचारी तैनात किया गया है। ऐसे में लोगों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार इस शौचालय के निर्माण पर लगभग तीन लाख रुपये स्वच्छ भारत मिशन के तहत और करीब पांच लाख रुपये मनरेगा योजना के अंतर्गत खर्च किए गए हैं। सरकार की योजनाओं के तहत लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि लोगों को मूलभूत सुविधाएं ही न मिलें तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। बाजार या किसी काम से आने वाली महिलाओं को स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय की सुविधा नहीं मिल पाती। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर पंचायत से मांग की है कि सार्वजनिक शौचालय में बिजली की व्यवस्था की जाए, नियमित सफाई कर्मचारी तैनात किया जाए और इसके सही रखरखाव के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। खंड विकास अधिकारी केएल वर्मा का कहना है कि मामला ध्यान में आया है, समाधान किया जाएगा।
सार्वजनिक शौचालय का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन उसकी देखरेख और रखरखाव की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। कई बार शौचालय के कमरों का उपयोग स्टोर के रूप में किया जाता हुआ भी देखा गया है। इसके अलावा सफाई की नियमित व्यवस्था न होने से यहां गंदगी का अंबार लगा रहता है, जिसके कारण लोग इसका उपयोग करने से कतराते हैं।
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-यशवीर सिंह, स्थानीय निवासी
बाजार और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले लोगों के लिए यह शौचालय बड़ी सुविधा साबित हो सकता था लेकिन उचित रखरखाव न होने के कारण इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और यहां बिजली, पानी तथा सफाई की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
-जगदीश राम सहोता, स्थानीय निवासी
अब बंगाणा पंचायत नगर पंचायत में सम्मिलित हो चुकी है। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अब नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आती है। उम्मीद है कि नगर पंचायत जल्द ही इस समस्या पर ध्यान देकर उचित प्रबंध करेगी ताकि लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
-अजय कुमार, स्थानीय निवासी
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जानकारी के अनुसार इस शौचालय के निर्माण पर लगभग तीन लाख रुपये स्वच्छ भारत मिशन के तहत और करीब पांच लाख रुपये मनरेगा योजना के अंतर्गत खर्च किए गए हैं। सरकार की योजनाओं के तहत लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि लोगों को मूलभूत सुविधाएं ही न मिलें तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। बाजार या किसी काम से आने वाली महिलाओं को स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय की सुविधा नहीं मिल पाती। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर पंचायत से मांग की है कि सार्वजनिक शौचालय में बिजली की व्यवस्था की जाए, नियमित सफाई कर्मचारी तैनात किया जाए और इसके सही रखरखाव के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। खंड विकास अधिकारी केएल वर्मा का कहना है कि मामला ध्यान में आया है, समाधान किया जाएगा।
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सार्वजनिक शौचालय का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन उसकी देखरेख और रखरखाव की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। कई बार शौचालय के कमरों का उपयोग स्टोर के रूप में किया जाता हुआ भी देखा गया है। इसके अलावा सफाई की नियमित व्यवस्था न होने से यहां गंदगी का अंबार लगा रहता है, जिसके कारण लोग इसका उपयोग करने से कतराते हैं।
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-यशवीर सिंह, स्थानीय निवासी
बाजार और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले लोगों के लिए यह शौचालय बड़ी सुविधा साबित हो सकता था लेकिन उचित रखरखाव न होने के कारण इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और यहां बिजली, पानी तथा सफाई की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
-जगदीश राम सहोता, स्थानीय निवासी
अब बंगाणा पंचायत नगर पंचायत में सम्मिलित हो चुकी है। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अब नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आती है। उम्मीद है कि नगर पंचायत जल्द ही इस समस्या पर ध्यान देकर उचित प्रबंध करेगी ताकि लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
-अजय कुमार, स्थानीय निवासी