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Una News: ब्लड कंपोनेंट मशीन स्थापित करने के लिए फिर भेजा प्रस्ताव
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क्षेत्रीय अस्पताल में मशीन की सुविधा न होने से मरीजों को करना पड़ता है पीजीआई रेफर
गंभीर मरीजों को प्लेटलेट या प्लाज्मा की आवश्यकता पड़ने पर लगानी पड़ती है दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन स्थापित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने एक बार फिर से प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा है। इस सुविधा के अभाव में अब तक गंभीर मरीजों को प्लेटलेट या प्लाज्मा की आवश्यकता पड़ने पर अन्य जिलों या राज्यों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मशीन स्थापित होने से मरीजों को ब्लड प्लेटलेट और प्लाज्मा चढ़ाने के लिए अब पंजाब के निजी अस्पतालों या पीजीआई चंडीगढ़ का रुख नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में प्लेटलेट चढ़ाने के लिए उपयुक्त मशीन न होने के कारण मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
विशेष रूप से डेंगू और मलेरिया जैसे मामलों में जब प्लेटलेट की मात्रा 25,000 से नीचे चली जाती है, तब कंपोनेंट सेपरेशन मशीन अत्यंत आवश्यक हो जाती है। यह सुविधा शुरू होने पर पूरे जिले से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा।
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रक्तदान संस्थाएं भी उठा चुकी हैं मांग
जिले में नियमित रूप से आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों में एकत्रित रक्त से प्लेटलेट और प्लाज्मा निकाला जा सकता है। लेकिन, वर्तमान में मशीन न होने के कारण इस रक्त को पंजाब व अन्य अस्पतालों में भेजना पड़ता है। मशीन की उपलब्धता से यह प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगी और जरूरतमंद मरीजों को तुरंत उपचार मिल सकेगा। कई सामाजिक व रक्तदान संस्थाएं लंबे समय से इस सुविधा की मांग उठा रही हैं।
कोट्स
क्षेत्रीय अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन स्थापित करने के लिए उच्च अधिकारियों को फिर प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि अस्पताल को जल्द ही इस सुविधा की स्वीकृति मिल जाएगी। -डाॅ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना
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गंभीर मरीजों को प्लेटलेट या प्लाज्मा की आवश्यकता पड़ने पर लगानी पड़ती है दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन स्थापित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने एक बार फिर से प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा है। इस सुविधा के अभाव में अब तक गंभीर मरीजों को प्लेटलेट या प्लाज्मा की आवश्यकता पड़ने पर अन्य जिलों या राज्यों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मशीन स्थापित होने से मरीजों को ब्लड प्लेटलेट और प्लाज्मा चढ़ाने के लिए अब पंजाब के निजी अस्पतालों या पीजीआई चंडीगढ़ का रुख नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में प्लेटलेट चढ़ाने के लिए उपयुक्त मशीन न होने के कारण मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
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विशेष रूप से डेंगू और मलेरिया जैसे मामलों में जब प्लेटलेट की मात्रा 25,000 से नीचे चली जाती है, तब कंपोनेंट सेपरेशन मशीन अत्यंत आवश्यक हो जाती है। यह सुविधा शुरू होने पर पूरे जिले से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा।
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रक्तदान संस्थाएं भी उठा चुकी हैं मांग
जिले में नियमित रूप से आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों में एकत्रित रक्त से प्लेटलेट और प्लाज्मा निकाला जा सकता है। लेकिन, वर्तमान में मशीन न होने के कारण इस रक्त को पंजाब व अन्य अस्पतालों में भेजना पड़ता है। मशीन की उपलब्धता से यह प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगी और जरूरतमंद मरीजों को तुरंत उपचार मिल सकेगा। कई सामाजिक व रक्तदान संस्थाएं लंबे समय से इस सुविधा की मांग उठा रही हैं।
कोट्स
क्षेत्रीय अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन स्थापित करने के लिए उच्च अधिकारियों को फिर प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि अस्पताल को जल्द ही इस सुविधा की स्वीकृति मिल जाएगी। -डाॅ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना