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Una News: शुद्ध मंत्रोच्चारण के लिए पुजारी किए जा रहे प्रशिक्षित
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चिंतपूर्णी में 25 फरवरी तक चलेगी वर्चुअल कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के धार्मिक शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से मंत्र उच्चारण सुधार के संदर्भ में वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों को मंत्र उच्चारण विधि और पूजा विधि में शुद्धता तथा मंत्र उच्चारण को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है। कार्यशाला का आयोजन 5 फरवरी से लेकर 25 फरवरी तक वर्चुअल रूप से किया जा रहा है। इस कार्यशाला में चिंतपूर्णी मंदिर के 15 पुजारियों ने भाग लिया है। इसके अलावा शक्तिपीठ नैना देवी और चिंतपूर्णी के पुजारियों ने भी कार्यशाला में हिस्सा लिया। भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से बनारस के आचार्य एसके त्रिपाठी की ओर से इस कार्यशाला का संचालन किया जा रहा है। मंदिर न्यास के बाबा माई दास सदन के कॉन्फ्रेंस हाल में यह कार्यशाला वर्चुअल रूप से आयोजित की जा रही है।हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश के बड़े मंदिरों को विश्वस्तरीय तीर्थ स्थल बनाने को लेकर विशेष कार्य किया जा रहा है। इस कार्यशाला के आयोजन से प्रदेश के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों को मंत्र उच्चारण विधि और पूजा विधि में शुद्धता तथा मंत्र उच्चारण को अधिक प्रभावशाली बनाने में मदद मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के धार्मिक शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से मंत्र उच्चारण सुधार के संदर्भ में वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों को मंत्र उच्चारण विधि और पूजा विधि में शुद्धता तथा मंत्र उच्चारण को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए प्रशिक्षित करना है। कार्यशाला का आयोजन 5 फरवरी से लेकर 25 फरवरी तक वर्चुअल रूप से किया जा रहा है। इस कार्यशाला में चिंतपूर्णी मंदिर के 15 पुजारियों ने भाग लिया है। इसके अलावा शक्तिपीठ नैना देवी और चिंतपूर्णी के पुजारियों ने भी कार्यशाला में हिस्सा लिया। भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से बनारस के आचार्य एसके त्रिपाठी की ओर से इस कार्यशाला का संचालन किया जा रहा है। मंदिर न्यास के बाबा माई दास सदन के कॉन्फ्रेंस हाल में यह कार्यशाला वर्चुअल रूप से आयोजित की जा रही है।हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश के बड़े मंदिरों को विश्वस्तरीय तीर्थ स्थल बनाने को लेकर विशेष कार्य किया जा रहा है। इस कार्यशाला के आयोजन से प्रदेश के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों को मंत्र उच्चारण विधि और पूजा विधि में शुद्धता तथा मंत्र उच्चारण को अधिक प्रभावशाली बनाने में मदद मिलेगी।